UTTARAKHAND NEWS नैनीताल
Ramnagar Tiger attack: रामनगर ढीला रेंज सांवल्दे में बेटी के सामने मां को घसीट ले गया बाघ
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Ramnagar Tiger attack news : बाघ ने महिला को बनाया निवाला, परिजनों का रो रो कर बुरा हाल
Ramnagar Tiger attack news Jim Corbett National Park area sawaldey : उत्तराखंड के रामनगर में बेटी के सामने बाघ घसीट कर ले गया मां को , वह बार-बार यही कहती रहीं कि उनकी आंखों के सामने बाघ उनकी मां को उठाकर ले गया और वह कुछ नहीं कर पाईं। यह कहते हुए अनीता बेहोश हो गई इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे पानी पिलाया बेटी को संभालना पुलिस और वन कर्मियों के लिए भी मुश्किल हो गया।
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे उत्तराखंड के रामनगर क्षेत्र से एक बार फिर बाघ के हमले की बड़ी खबर सामने आ रही है। ढेला रेंज के सांवल्दे गांव में बीते शुक्रवार, दो जनवरी को बाघ के हमले में 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
मृतक महिला की पहचान सुखियां देवी, पत्नी चंदू सिंह, निवासी सांवल्दे गांव, रामनगर के रूप में हुई है। सुखियां बक्सा समुदाय से ताल्लुक रखती थीं। बताया जा रहा है कि वह रोज़ाना की तरह गांव की अन्य महिलाओं के साथ घर के पास स्थित जंगल में लकड़ी लेने गई थीं। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ सुखियां देवी को घसीटते हुए घने जंगल की ओर ले गया। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बाघ उन्हें जंगल के भीतर काफी दूर ले जा चुका था। ग्रामीणों ने शोर मचाकर बचाने की कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी।
आधे घंटे की मशक्कत के बाद महिला का शव जंगल के अंदर से बरामद
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला, उप निदेशक राहुल मिश्रा, एसडीओ कालागढ़ सहित वन कर्मियों की टीम ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद महिला का शव जंगल के अंदर से बरामद किया गया। हमले में महिला का पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।
शव मिलने के बाद गांव में मातम और आक्रोश (Ramnagar Tiger attack news)
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। संयुक्त संघर्ष समिति और ग्रामीणों ने वन विभाग व प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए ग्रामीणों ने महिला के शव को रामनगर–ढेला मार्ग पर सांवल्दे में रखकर सड़क जाम कर दिया और बाघ को तुरंत ट्रेंकुलाइज करने की मांग करने लगे। ग्रामीण शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को भी तैयार नहीं थे।
हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि बाद में पुलिस ने बमुश्किल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा।
इस बीच कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही कैमरा ट्रैप और ड्रोन की मदद से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्दियों के मौसम में वन्यजीव अधिक आक्रामक हो जाते हैं, इसलिए जंगल में प्रवेश न करें।
फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर जीने को मजबूर रहेंगे।
