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Uttarakhand news: टिहरी में गुलदार ने छत पर पढ़ रही मासूम और सो रही महिला पर किया हमला
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Tehri Garhwal Leopard Attack: टिहरी में गुलदार का बढ़ता आतंक, छत पर पढ़ रही मासूम और सो रही महिला पर किया हमला
Tehri Garhwal Leopard Attack: उत्तराखंड के टिहरी जिले में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। विकासखंड थौलधार के ग्राम सौड़ उप्पू क्षेत्र में सोमवार रात गुलदार ने दो अलग-अलग घटनाओं में एक सात वर्षीय बच्ची और एक महिला पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। लगातार हुई इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग के खिलाफ फूट पड़ा है।
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छत पर पढ़ाई कर रही बच्ची पर झपटा गुलदार (Child Injured)
पहली घटना सोमवार रात करीब 8:45 बजे की है। ग्राम सौड़ उप्पू निवासी रमेश राणा की सात वर्षीय बेटी तानवी अपने दो मंजिला मकान की छत पर बैठकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान गुलदार सीढ़ियों के रास्ते सीधे छत तक पहुंच गया और अचानक बच्ची पर हमला कर दिया।गुलदार के हमले से तानवी गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे, जिसके बाद गुलदार वहां से भाग निकला। परिजनों ने घायल बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल बौराड़ी पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
रात डेढ़ बजे महिला को बनाया निशाना (Night Attack)
पहली घटना के कुछ घंटों बाद ही गुलदार ने फिर से इलाके में दहशत फैला दी। रात करीब डेढ़ बजे उप्पू तल्ला निवासी 38 वर्षीय सुषमा देवी, पत्नी रमेश दास, अपने बच्चों के साथ मकान की छत पर सो रही थीं। इसी दौरान गुलदार ने उन पर हमला कर दिया।हमले में सुषमा देवी के सिर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें भी तत्काल जिला अस्पताल बौराड़ी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनके सिर पर टांके लगाए। दोनों घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग पर लापरवाही के आरोप (Forest Department Negligence)
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियां बढ़ रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार वन विभाग और प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।ग्राम प्रधान विकास सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले ही लिखित रूप से जिला प्रशासन और वन विभाग को गुलदार की सक्रियता के बारे में चेताया था। इसके बावजूद विभाग की ओर से न तो निगरानी बढ़ाई गई और न ही गुलदार को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए।ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की उदासीनता के कारण आज लोगों की जान खतरे में पड़ गई है। हालात ऐसे हो गए हैं कि शाम होते ही लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं और बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी डर रहे हैं।
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अस्पताल पहुंचे जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन (Public Reaction)
मंगलवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।उत्तराखंड किसान सभा के संयुक्त सचिव भगवान सिंह राणा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और वन विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी टिहरी पुनीत तोमर से फोन पर बातचीत कर प्रभावित क्षेत्र में तत्काल पिंजरा लगाने, निगरानी बढ़ाने और गश्त तेज करने की मांग की।
सुरक्षा की मांग तेज, ग्रामीणों में आक्रोश (Human-Wildlife Conflict)
लगातार हो रहे हमलों के बाद क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही गुलदार को नहीं पकड़ा गया तो किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग वन विभाग की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
