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Uttarakhand CBSE result 2026: Almora Roshan Bisht got 95%, haldwani CBSE 12th result 2026 nainital breaking news today
Image : Devbhoomi darshan ( Uttarakhand CBSE result 2026)

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CBSE result: अल्मोड़ा के रोशन बिष्ट ने पाए 95%, पिता को खोया नहीं मानी हार मां के संघर्ष को सलाम

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Uttarakhand CBSE result 2026: CBSE result uttarakhand topper CBSE result 2026 पिता का साया छूटा, मां ने झाड़ू-पोछा कर पढ़ाया… अब बेटे ने 95% अंक लाकर रचा संघर्ष का नया इतिहास

Uttarakhand CBSE result 2026: Almora Roshan Bisht got 95%, haldwani CBSE 12th result 2026 nainital breaking news today: Uttarakhand CBSE 12th result 2026 उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि कठिन हालात इंसान की राह रोक सकते हैं, लेकिन मजबूत इरादों को नहीं। विकासखंड द्वाराहाट के ग्राम डोटलगांव निवासी रोशन सिंह बिष्ट ने CBSE इंटरमीडिएट परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनकी यह सफलता सिर्फ परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि एक संघर्षशील मां के त्याग, मेहनत और बच्चों के सपनों की जीत की कहानी बन गई है।

हल्द्वानी के बीरशिबा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाई कर रहे रोशन ने विपरीत परिस्थितियों के बीच यह मुकाम हासिल किया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई को कभी बोझ नहीं बनने दिया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की चर्चा अब गांव से लेकर शहर तक हो रही है।

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पिता के निधन के बाद बदल गई जिंदगी (haldwani cbse 12th topper 2026 Family Struggle)

रोशन के परिवार पर सबसे बड़ा संकट वर्ष 2018 में आया, जब उनके पिता का निधन हो गया। उस समय परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां रजनी बिष्ट के कंधों पर आ गई। घर में तीन बच्चों की परवरिश और पढ़ाई का भार अचानक अकेले संभालना आसान नहीं था। परिवार की बड़ी बेटी बोल और सुन नहीं सकती, जबकि छोटी बहन ने भी इसी वर्ष दसवीं की परीक्षा पास की है।

पति के जाने के बाद कई लोगों ने रजनी बिष्ट को गांव में रहकर किसी तरह जीवन चलाने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार मानने के बजाय बच्चों की शिक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाया। बेहतर पढ़ाई के लिए उन्होंने हल्द्वानी में रहकर संघर्ष करने का फैसला लिया।

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मां ने मेहनत से लिखी बच्चों की तकदीर (CBSE 12th result 2026 uttarakhand Mother Sacrifice)

रजनी बिष्ट ने अपने बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए हर वह काम किया, जिससे परिवार का खर्च चल सके। कभी लोगों के घरों में झाड़ू-पोछा किया, तो कभी खाना बनाकर मेहनताना जुटाया। बीते कुछ वर्षों से वह किराये की रेढ़ी लगाकर छोटा व्यवसाय कर रही हैं। सीमित आमदनी और तमाम परेशानियों के बावजूद उन्होंने बच्चों की पढ़ाई कभी रुकने नहीं दी।

उनका कहना था कि गरीबी असली रुकावट नहीं होती, यदि बच्चों में सीखने की इच्छा और मां-बाप में हिम्मत बाकी हो। शायद यही कारण रहा कि कठिन हालात भी इस परिवार के सपनों को कमजोर नहीं कर सके।

रोशन की मेहनत बनी पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल (Roshan Bisht cbse 12th result 2026 Success Story)

रोशन सिंह बिष्ट ने 95 प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि संघर्ष चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, मेहनत और लगन उसके आगे रास्ता बना ही देती है। उनकी सफलता ने गांव के अन्य छात्रों और अभिभावकों को भी नई प्रेरणा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोशन की उपलब्धि उन परिवारों के लिए उम्मीद की मिसाल है, जो आर्थिक तंगी के कारण बच्चों के सपनों को अधूरा मान लेते हैं।

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