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Uttarakhand: Cut-Off Date for UPNL Employees Extended from 2018 to 2024 for Equal Pay
Image : सांकेतिक फोटो ( UPNL Cut off Date)

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UPNL Cut Off Date: उपनल कर्मचारियों की कट ऑफ डेट 2018 से बढ़ाकर 2024, मिलेगा समान वेतन

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Uttarakhand: Cut-Off Date for UPNL Employees Extended from 2018 to 2024 for Equal Pay: उत्तराखंड उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत: समान कार्य समान वेतन का दायरा बढ़ा Uttarakhand UPNL Employees Equal Pay Decision

Uttarakhand: Cut-Off Date for UPNL Employees Extended from 2018 to 2024 for Equal Pay|Uttarakhand UPNL Employees Equal Pay Decision| उत्तराखंड में हजारों उपनल कर्मचारियों के लिए धामी सरकार ने बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट की अहम बैठक में समान कार्य के लिए समान वेतन (Equal Pay for Equal Work) के दायरे को विस्तार देने की मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है।

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कैबिनेट ने बदली कट ऑफ डेट (Cabinet Decision Cut Off Date Change UPLN)

अब तक उपनल कर्मचारियों को समान वेतन का लाभ केवल 12 नवंबर 2018 तक कार्यरत कर्मचारियों को ही दिया जा रहा था। लेकिन कैबिनेट ने इस कट ऑफ डेट को संशोधित करते हुए 15 अक्टूबर 2024 तक बढ़ा दिया है।

यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा 15 अक्टूबर 2024 को दिए गए आदेश के आधार पर किया गया है, जिससे अब अधिक कर्मचारी इस लाभ के दायरे में आ जाएंगे।

22 हजार उपनल कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ (UPNL Employees Salary Benefit Uttarakhand)

प्रदेश में वर्तमान में लगभग 22 हजार उपनल कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। पहले करीब 11 हजार कर्मचारियों को ही समान वेतन का लाभ मिल रहा था। अब बचे हुए 11 हजार से अधिक कर्मचारी भी इस व्यवस्था में शामिल हो जाएंगे
सरकार के अनुसार, बढ़ी हुई वेतन राशि का भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

लंबे संघर्ष के बाद मिली बड़ी राहत (UPNL Employees Protest and Demand)

उपनल कर्मचारी लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि समान कार्य करने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों से कम वेतन दिया जा रहा है। इस फैसले के बाद उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी होती दिख रही है, जिससे कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।

राजनीतिक रूप से भी अहम फैसला (Political Impact Uttarakhand Government Decision)

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।

यह फैसला सीधे तौर पर 22 हजार कर्मचारियों और उनके परिवारों को प्रभावित करेगा, जिससे सरकार को सकारात्मक संदेश मिलने की संभावना है।

कर्मचारियों और संगठन की प्रतिक्रिया (UPNL Employees Reaction Uttarakhand)

उपनल कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित मांग अब पूरी हुई है और यह निर्णय कर्मचारियों के जीवन में आर्थिक स्थिरता लाएगा। संगठन ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने और सम्मान करने की बात भी कही है।

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आर्थिक सुरक्षा और समानता की दिशा में कदम (Equal Pay Policy Uttarakhand)

इस निर्णय से न केवल वेतन असमानता खत्म होगी, बल्कि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। सरकार का यह कदम प्रदेश में कार्यरत हजारों परिवारों के लिए राहत, सम्मान और सुरक्षा का नया अध्याय माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, धामी कैबिनेट का यह फैसला उपनल कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरा निर्णय साबित हो रहा है, जिससे लंबे समय से चली आ रही समान वेतन की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।

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