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Uttarakhand delhi bus: दिल्ली को पहले की तरह दौड़ती रहेंगी उत्तराखण्ड रोडवेज की BS4 बसें
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Uttarakhand delhi Bus news: दिल्ली के लिए पहले की तरह सुचारू रहेगा बसों का संचालन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम को मिली राहत..
Uttarakhand delhi bus news after supreme court decision no ban to BS4 roadways buses in NCR latest update today: उत्तराखंड परिवहन निगम के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक राहत की खबर सामने आ रही है कि, दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पुरानी डीजल बसो पर दिल्ली रूट मे लगा प्रतिबंध अब हट गया है। पुरानी बसों पर लगे प्रतिबंध के हटने से उत्तराखंड के यात्रियों को भी राहत मिल गई है।
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आपको जानकारी देते चले उत्तराखंड परिवहन निगम की दिल्ली मार्ग पर संचालित 540 बसों में से 192 बसे bs-4 श्रेणी में आती है जो डीजल बसे हैं। यह सभी बसें दिल्ली में प्रतिबंधित दायरे में आ रही थी, जिसके चलते बीते बुधवार को भी परिवहन निगम ने इनकी संख्या में कटौती कर दिल्ली संचालन किया ताकि बसो के चालान या सीज होने जैसी स्थिति न उत्पन्न हो। वही निगम प्रबंधन को बीते बुधवार की शाम तक चिंता दिखाई दे रही थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी मिलते ही परिवहन निगम को राहत मिल गई।
प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार लगा रही पुरानी बसो पर रोक ( Uttarakhand news today)
सुप्रीम कोर्ट ने नई दिल्ली में प्रतिबंधित इन बसो पर लगी रोक को हटाते हुए यात्रियों की समस्या का समाधान निकाल लिया है। बताते चले दिल्ली मार्ग पर उत्तराखंड से 40 से 50 हज़ार यात्री रोजाना आवागमन करते हैं। लेकिन दिल्ली सरकार पिछले 4 सालों से प्रदूषण नियंत्रण को लेकर डीजल बसो के प्रवेश पर प्रतिबंध की तैयारी में लगी हुई है।
सुप्रीम कोर्ट ने पुरानी बसों को दी राहत ( Uttarakhand breaking news)
उत्तराखंड परिवहन निगम समेत सभी राज्यों के परिवहन निगम को वर्ष 2021 से पत्र भेजे जा रहे हैं, जिनमे एक अक्टूबर से bs -3 व bs -4 डीजल बसो के प्रवेश पर प्रतिबंध की चेतावनी दी थी। अभी हाल ही में अगस्त माह में दिल्ली सरकार ने चेतावनी पत्र भेजा था लेकिन उत्तराखंड परिवहन निगम प्रबंधन ने इस पर गंभीरता नही दिखाई। त्योहारी सीजन और राज्य सरकार ने बसो के प्रवेश को छूट दी थी। हालांकि इस बीच दिल्ली का प्रदूषण उच्चतम स्तर पर पहुंच गया जिस पर दिल्ली सरकार ने गुरुवार से पुरानी बसों के संचालन पर रोक का आदेश दिया था। मगर जैसे ही सुप्रीम कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई तो नए आदेश दिए गए जिससे 10 साल तक पुरानी डीजल की bs4 और 15 साल तक पुरानी पेट्रोल bs4 वाहनों को राहत दी गई ।
उत्तराखंड परिवहन निगम नहीं जाग रहा गहरी नींद से
बताते चले परिवहन निगम के लिए सुपर डीलक्स वोल्वो बसें वरदान की तरह साबित हो रही है जो अक्सर ऑनलाइन टिकट में पैक रहती है। इतना ही नहीं बल्कि सबसे ज्यादा वोल्वो बसे दिल्ली रूट पर ही संचालित होती है। निगम के पास वर्तमान में 53 वोल्वो बसे मौजूद है जिनमें अकेला देहरादून से 23 बसे दिल्ली मार्ग पर चलती है। हैरानी की बात तो यह है कि इनमें केवल 12 बसे ही bs6 श्रेणी की है जबकि शेष बसे bs4 की है।
नई bs6 बसे नही खरीद रहा उत्तराखंड परिवहन निगम ( Uttarakhand privahn nigam)
दिल्ली में प्रतिबंध लगने पर केवल 12 बसे ही जा सकती हैं। ये बसें मेरठ एक्सप्रेस-वे से नोएडा होकर नॉन-स्टाप दिल्ली जाती हैं, इसके बावजूद परिवहन निगम नई बीएस-6 वोल्वो बसों को लेकर गहरी नींद मे सोया है। परिवहन निगम के पास अपनी केवल 130 बीएस-6 डीजल बसें ही ऐसी हैं, जो प्रतिबंध की स्थिति में दिल्ली जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त प्रतिबंध में दिल्ली जाने के लिए अनुमन्य बसों में सभी बसें अनुबंधित हैं। जिनमें 190 अनुबंधित सीएनजी और शेष अनुबंधित बीएस-6 डीजल बसें हैं।
प्रदूषण प्रमाण-पत्र साथ रखना जरूरी
निगम प्रबंधन ने दिल्ली जाने वाली सभी बसों में प्रदूषण जांच का प्रमाण-पत्र अनिवार्य कर दिया है। इसके बिना बस को दिल्ली न भेजने के आदेश दिए गए हैं। सभी डिपो प्रबंधकों को बसों के प्रदूषण प्रमाण-पत्रों की जांच करने को कहा गया है।
