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Uttarakhand fourth class bharti 2026: due to unemployment graduate youth shown 8th class for school peon job latest news today
Image : सांकेतिक फोटो ( Uttarakhand fourth class bharti 2026)

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UTTARAKHAND NEWS नैनीताल

Uttarakhand fourth class bharti 2026: चपरासी की नौकरी पाने को ग्रेजुएट बने आठवीं पास

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Uttarakhand fourth class bharti 2026: बेरोजगारी की ऐसी पड़ी मार कि स्नातक बने आठवीं पास ,नौकरी के लिए डिग्री भी नहीं आ रही काम..

Uttarakhand fourth class bharti 2026: due to unemployment graduate youth shown 8th class for school peon job latest news today: उत्तराखंड के युवा जहां एक ओर नौकरी की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन करने लगे हैं वहीं दूसरी ओर सिस्टम ने डिग्री धारक युवाओं का मजाक बनाकर रख दिया है। दरअसल जिन युवाओं ने उच्च पदों पर आसीन होने के लिए डिग्रियां हासिल की आज वही युवा नौकरी पाने के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं। इतना ही नहीं बल्कि युवा डिग्रियां छिपाकर अब कक्षा 5 और 8 की अंक तालिकाएं बनवाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

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बता दें उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में परिचारक स्वच्छक और सह चौकीदार के 2364 पदों पर नियुक्तियां निकाली गई है। इन नियुक्तियों में आउटसोर्स के माध्यम से रोजगार प्रयाग पोर्टल पर 5 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है जिसमें नौकरियों के लिए शैक्षिक योग्यता पांचवी और आठवीं पास तय की गई है। इतना ही नहीं बल्कि इस बार आवेदन में उच्च शिक्षा की डिग्री स्वीकार नहीं की जा रही है। ऐसे में बीए – एएम की पढ़ाई पूरी कर चुके युवा अब आठवीं पास बनकर आवेदन कर रहे हैं। इन दिनों राज्य के विभिन्न स्कूलों में अपने आठवीं की अंक तालिका लेने पहुंच रहे हैं। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोजाजाली के प्रभारी प्रधानाध्यापक डॉक्टर विवेक पांडे ने कई युवाओं के अपने पांचवी कक्षा और आठवीं कक्षा की अंक तालिका लेने की पुष्टि की है। बताते चले ₹15000 प्रति माह वेतन चौकीदार स्वच्छक की नौकरी के लिए दिया जायेगा।

नौकरी के लिए योग्यता बनी अयोग्यता

जितेंद्र सिंह धारी ब्लॉक के हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएट है जिन्होंने शिक्षा विभाग की ताजा भर्तियो के लिए पहले डिग्री से आवेदन किया जिसे सिस्टम ने रिजेक्ट कर दिया। अब वह आठवीं की मार्कशीट के सहारे नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं दूसरी ओर मीना शर्मा नैनीताल के डीएसबी परिसर से पोस्ट ग्रेजुएट है जो 20 साल बाद अपने पुराने स्कूल पहुंची है ताकि खुद के आठवीं पास होने के प्रमाण के आधार पर आवेदन पूरा कर सकें।

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