Connect with us
Uttarakhand Holi 2026 tourist: Tourists are arriving to celebrate Holi, nainital mussoorie ramnagar gopeshwar.
सांकेतिक फोटो Uttarakhand Holi 2026 tourist

Home / UTTARAKHAND NEWS / Uttarakhand holi 2026 tourist: होली मनाने उत्तराखण्ड पहुंच रहे सैलानी लंबे वीकेंड से उमड़ी भीड़

UTTARAKHAND NEWS नैनीताल

Uttarakhand holi 2026 tourist: होली मनाने उत्तराखण्ड पहुंच रहे सैलानी लंबे वीकेंड से उमड़ी भीड़

1 min read

Uttarakhand Holi 2026 tourist: Tourists are arriving to celebrate Holi, nainital mussoorie ramnagar gopeshwar: होली से पहले पहाड़ों में लौट आई रौनक, पर्यटकों की भीड़ से गुलजार हुए उत्तराखंड के पर्यटन स्थल

Uttarakhand Holi 2026 tourist: Tourists are arriving to celebrate Holi, nainital mussoorie ramnagar gopeshwar: होली आने से पहले ही उत्तराखंड के पहाड़ी पर्यटन स्थलों में रंगत लौट आई है। जी हां… पांच दिन के लंबे वीकेंड से शुरू हुआ सैलानियों का सिलसिला अब तेज़ी से बढ़ने लगा है, जिससे मसूरी से लेकर चोपता और नैनीताल से लेकर कार्बेट तक पर्यटन कारोबार में नई जान दिखाई दे रही है। महानगरों की भागदौड़ से दूर लोग इस बार प्रकृति की गोद में त्योहार मनाने के लिए पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। दरअसल इस बार शनिवार रविवार के साथ ही मंगलवार और बुधवार को भी आफिस होली के अवसर पर बंद हैं, जिस कारण महानगरों से पहाड़ की हसीन वादियों की ओर रूख करने वाले सैलानियों में इस बार होली में बेतहाशा वृद्धि देखने को मिली हैं।

मसूरी से चोपता तक बढ़ी चहल-पहल

मसूरी, धनोल्टी, काणाताल, तुंगनाथ, चकराता, गोपेश्वर और चोपता जैसे इलाकों में होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे तेजी से भरने लगे हैं। कई जगहों पर तो वीकेंड में ही बुकिंग फुल हो गई, जिसके कारण पर्यटकों को दूरस्थ क्षेत्रों में ठहरने की व्यवस्था करनी पड़ी। मसूरी-देहरादून और मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जबकि चकराता और नागटिब्बा में पार्किंग फुल होने से जाम की स्थिति बनी रही।

महानगरों से पहाड़ों की ओर बढ़ा रुझान

दिल्ली, गुरुग्राम, एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, यह इस सीजन की अब तक की सबसे अच्छी शुरुआत मानी जा रही है। पर्यटक सिर्फ घूमने नहीं, बल्कि पारंपरिक और शांत माहौल में होली का अनुभव लेने पहाड़ों की ओर आ रहे हैं।

धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों पर भीड़

गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर में पारंपरिक होली के लिए सैलानियों का आना शुरू हो गया है। औली में हालिया बर्फबारी के बाद पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि नृसिंह मंदिर और योगध्यान बदरी जैसे धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की आवाजाही तेज हो गई है। उत्तरकाशी के हर्षिल और गुलाबीकांठा क्षेत्र में भी सैलानी पहुंच रहे हैं, जहां विश्वनाथ मंदिर की भस्म होली को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है।

होटल इंडस्ट्री ने तैयार किए खास पैकेज

पर्यटकों की बढ़ती मांग को देखते हुए होटल और रिसॉर्ट संचालकों ने दो रात के विशेष होली पैकेज लॉन्च किए हैं। इनकी कीमत 17 हजार से लेकर 30 हजार रुपये तक रखी गई है। रामनगर और कार्बेट क्षेत्र के कई रिसॉर्ट्स में रंगोत्सव, लाइव म्यूजिक, पारंपरिक व्यंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी चल रही है। हालांकि कुछ होटल संचालकों का मानना है कि होली वीकेंड के बाद होने के कारण अंतिम समय में बुकिंग और बढ़ सकती है।

नैनीताल में पारंपरिक होली का रंग

नैनीताल के बड़े होटलों में जैविक रंगों और कुमाऊंनी परंपरा के साथ होली मनाने की तैयारी की जा रही है। ढोलक-हारमोनियम के साथ होली गायन, स्थानीय होल्यारों की प्रस्तुतियां और पारंपरिक व्यंजन पर्यटकों को खास अनुभव देंगे। कई होटलों में फूलों की होली और प्राकृतिक रंगों के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है, जबकि पानी से होली खेलने पर प्रतिबंध रखा गया है। बताया गया है कि रामनगर में अब तक जहां पचास प्रतिशत होटल फुल हो चुके हैं वहीं नैनीताल में 60-70 प्रतिशत तक होटलों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है।

प्रशासन के लिए बढ़ी चुनौती

पर्यटकों की बढ़ती संख्या से जहां स्थानीय बाजारों में रौनक लौट आई है, वहीं ट्रैफिक और सुरक्षा प्रबंधन प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। कई स्थानों पर वन-वे व्यवस्था लागू की गई है और पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है ताकि त्योहार के दौरान व्यवस्था बनी रहे।

कार्बेट में सफारी पर अस्थायी रोक

होली के दौरान तीन और चार मार्च को कार्बेट पार्क और उससे जुड़े पर्यटन जोन में जिप्सी सफारी व नाइट स्टे अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। प्रशासन ने यह फैसला सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए लिया है।

पहाड़ों में त्योहार का नया ट्रेंड

कुल मिलाकर अब शहरवासियों का होली का यह त्योहार अब सिर्फ रंगों तक सीमित नहीं रह गए हैं। लोग शांति, संस्कृति और प्रकृति के बीच अपने परिवार के साथ खास पल बिताने की तलाश में पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों में दिख रही यह रौनक इसी बदलते ट्रेंड की कहानी कह रही है—जहां होली अब सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि अपनों के साथ सूकून के पल बिताने का एक अनुभव बनती जा रही है।
यह भी पढ़ें- Almora holi holiday 2026: होली में 4 दिनों की छुट्टी, अल्मोड़ा में 3 स्थानीय अवकाश घोषित

👉👉उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP CHANNEL को Follow कीजिए on

👉👉TWITTER पर जुडिए।

Continue Reading

More in UTTARAKHAND NEWS

To Top