Connect with us
Uttarakhand jangadna 2026: Violation of census rules will send officials and common people to jail.
सांकेतिक फोटो Uttarakhand jangadna 2026

Home / UTTARAKHAND NEWS / Uttarakhand Jangadna 2026: जनगणना नियम उल्लंघन पर आम लोगों के साथ ही जेल जाएंगे अधिकारी

UTTARAKHAND NEWS देहरादून

Uttarakhand Jangadna 2026: जनगणना नियम उल्लंघन पर आम लोगों के साथ ही जेल जाएंगे अधिकारी

1 min read

Uttarakhand jangadna 2026: Violation of census rules will send officials and common people to jail Census Rules 2026: जनगणना में लापरवाही या विरोध पड़ा भारी, तीन साल तक की जेल का प्रावधान

Uttarakhand jangadna 2026: Violation of census rules will send officials and common people to jail: उत्तराखण्ड सहित देशभर में शुरू होने जा रही जनगणना प्रक्रिया से पहले सरकार ने सख्त संदेश दिया है। इस बार न सिर्फ जनगणना में लगे अधिकारी-कर्मचारियों पर कड़ी जिम्मेदारी तय की गई है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। नियमों की अनदेखी अब सीधे दंडात्मक कार्रवाई का कारण बन सकती है।

भारत के महापंजीयक कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों में जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों को दोहराते हुए सभी राज्यों को सतर्क किया गया है। साफ कर दिया गया है कि जनगणना को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस दिन से शुरू होगा पहला चरण

आपको बता दें कि जनगणना का पहला चरण इसी महीने शुरू हो रहा है। इसके तहत 10 अप्रैल से ऑनलाइन स्वगणना की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें लोग पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 25 अप्रैल से 24 मई तक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा।

Census Act 1948 Guidelines: अधिकारियों से लेकर आम नागरिक तक सबकी जवाबदेही तय, गलत जानकारी या सहयोग न करने पर जुर्माना

जनगणना में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नियम और भी सख्त हैं। यदि कोई अधिकारी अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ता है, काम में बाधा डालता है या जानबूझकर गलत डेटा तैयार करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। कानून के अनुसार ऐसे मामलों में तीन साल तक की सजा और आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान है। इसके अलावा जनगणना से जुड़ी गोपनीय जानकारी को लीक करना, असंवेदनशील सवाल पूछना, दस्तावेजों में छेड़छाड़ करना या परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश करना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

आम जनता भी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती

इस बार जनगणना सिर्फ सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी भी है। यदि कोई व्यक्ति पूछे गए सवालों का गलत जवाब देता है या जानकारी देने से इनकार करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा जनगणना टीम को घर में प्रवेश से रोकना, चिन्हों को मिटाना या फॉर्म भरने में लापरवाही करना भी दंडनीय अपराध माना जाएगा।

क्यों जरूरी है सख्ती?

प्रशासन का मानना है कि जनगणना सिर्फ आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि नीतियों और योजनाओं की नींव है। ऐसे में यदि आंकड़े गलत या अधूरे हुए, तो इसका असर सीधे विकास योजनाओं पर पड़ेगा। इसी कारण इस बार जवाबदेही तय करते हुए हर स्तर पर सख्ती दिखाई जा रही है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय बनी रहे।

स्पष्ट संदेश: सहयोग करें, नहीं तो कार्रवाई तय

अधिकारियों के अनुसार जनगणना का उद्देश्य लोगों पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि सही और सटीक जानकारी जुटाना है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति या कर्मचारी जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई तय है।

कुल मिलाकर जनगणना 2026 को लेकर सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि इस बार किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी। चाहे अधिकारी हों या आम नागरिक—हर किसी को अपनी भूमिका ईमानदारी से निभानी होगी, वरना कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें- Dehradun police transfer today: देहरादून पुलिस विभाग में भारी फेरबदल, SSP ने किए तबादले

👉👉उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP CHANNEL को Follow कीजिए on

👉👉TWITTER पर जुडिए।

Continue Reading

More in UTTARAKHAND NEWS

To Top