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Nainital school news today: class room plaster fell khairna primary garampani uttarakhand
फोटो सोशल मीडिया Nainital school news today

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Nainital school news today: नैनीताल भरभराकर गिरा स्कूल कक्ष का प्लास्टर बाल बाल बचे 14 बच्चे

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Nainital school news today: class room plaster fell khairna primary garampani uttarakhand खैरना प्राथमिक विद्यालय में बड़ा हादसा टला, जर्जर छत से गिरा प्लास्टर—प्रार्थना में बाहर थे बच्चे

Nainital school news today: class room plaster fell khairna primary garampani uttarakhand: उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में नौनिहालों की सुरक्षा व्यवस्था से किस प्रकार खिलवाड़ हो रहा है इसका अंदाजा राज्य के नैनीताल जिले से सामने आई इस खबर से आसानी से लगाया जा सकता है। दरअसल गरमपानी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खैरना में बुधवार सुबह स्कूल खुलने के कुछ ही देर बाद कक्षा कक्ष की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। राहत की बात यह रही कि ठीक उसी समय सभी बच्चे प्रार्थना के लिए कक्षा से बाहर जा चुके थे। कुछ मिनट की देरी होती तो यह घटना मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ सकती थी। कुल मिलाकर इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों की जर्जर बुनियादी हालत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया गया है कि इस विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक कुल 17 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से बुधवार को 14 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। विद्यालय की शिक्षिका हेमा तिवारी ने बताया कि रोज़ाना की तरह बच्चों को सुबह प्रार्थना के लिए बाहर एकत्र किया गया था। जैसे ही कक्ष खाली हुआ, उसी वक्त छत के एक हिस्से से प्लास्टर टूटकर गिर गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग भी सहम गए। घटना की जानकारी मिलते ही छड़ा-खैरना के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बालम सिंह पिनारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल श्री कैंची धाम की एसडीएम मोनिका और मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल गोविंद राम जायसवाल को स्थिति से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए।

एसडीएम के निर्देश पर बच्चों को विद्यालय भवन से हटाकर पास ही स्थित संकुल (सीआरसी) कार्यालय में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया। प्रशासन का मानना है कि वर्तमान भवन बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह अनुपयुक्त हो चुका है। मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने बताया कि विद्यालय भवन का ध्वस्तीकरण कर जिला खनन न्यास निधि के माध्यम से नया भवन शीघ्र बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जब तक नया भवन तैयार नहीं होता, तब तक सभी छात्र सुरक्षित स्थान पर ही पढ़ाई करेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी है। वर्ष 2023 में शिक्षा मंत्री द्वारा विद्यालय का निरीक्षण किया गया था। उस दौरान नए भवन के निर्माण के लिए करीब 30 लाख रुपये की घोषणा भी की गई थी, लेकिन दो साल बीत जाने के बावजूद न तो निर्माण कार्य शुरू हो पाया और न ही जर्जर भवन की मरम्मत कराई गई।

ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय भवन की हालत लंबे समय से खराब है। हल्की बारिश में भी कमरों के भीतर पानी भर जाता है, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। शिक्षकों ने कई बार लिखित रूप से उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया, लेकिन कार्रवाई कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी। चिंताजनक पहलू यह भी है कि इसी जर्जर भवन में पहले चुनावी प्रक्रिया तक संपन्न कराई जा चुकी है। इस घटना ने यह साफ कर दिया कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो अगली बार किस्मत शायद इतनी मेहरबान न हो। फिलहाल, बच्चों की जान बच जाना राहत की बात है, लेकिन यह घटना सिस्टम की लापरवाही पर एक बड़ा सवाल छोड़ गई है।
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