Haldwani fake domicile news : हल्द्वानी में स्थाई निवास प्रमाण पत्र फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी फैजान भी निकला फर्जी..
Arjinavish Faizan, main accused of Haldwani permanent residence domicile case, also be fake uttarakhand latest news today : उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पर फर्जी दस्तावेजों से स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनाने वाला अर्जीनवीस फैजान खुद फर्जी निकला है। बताते चले प्रशासनिक स्तर से अर्जीनवीस का जारी लाइसेंस भी फैजान के पास नहीं मिला। इतना ही नहीं बल्कि जिन लोगों के फैजान ने फर्जी तरीके से स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनवाए है वो भी पुलिस की रडार पर आ गए हैं।
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गौरतलब हो की नैनीताल जिले के हल्द्वानी में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने बीते 13 नवंबर को बनभूलपुरा क्षेत्र में फर्जी तरीके से स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन की टीम ने मुख्य सरगना फैजान समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया। फैजान तहसील में अर्जीनवीस का कार्य करता था, लेकिन वह अर्जीनवीस के कार्य करने का भी अधिकृत नहीं था। क्योंकि फैजान तहसीलदार को भी जांच में लाइसेंस नहीं दिखा सका। जांच पड़ताल मे खुलासा हुआ है कि फैजान सरकारी विभागों के कर्मचारी और कई अन्य लोगों को अच्छे खासे रुपए देता था।
फर्जी तरीके से स्थायी निवास बनाने वाला फैजान निकला फर्जी ( fake permanent residence)
बताते चलें स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोगों से पहले फैजान फर्जी आधार कार्ड बनवाता था। फिर वो फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से अपणी सरकार पोर्टल पर स्थाई निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर देता था। इसके बाद वह यूपीसीएल के डेटा एंट्री ऑपरेटर से 50 साल तक के पुराने बिल की मांग करता था और उसी व्यक्ति के नाम का एक बिजली भी फैजान को दे देता था। इसके बाद उसमें यूपीसीएल की मुहर लगने के बाद उसे सरकार के पोर्टल अपणी सरकार मे अपलोड कर देता था जिससे स्थायी निवास प्रमाण पत्र बन जाता था।
12 साल से फैजान बाहरी लोगों को बना रहा था स्थाई निवासी ( haldwani fake Permanent Residence Certificate)
आपको जानकारी देते चलें सरकारी तंत्र में घुसकर बाहरी लोगों का स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनवाने वाला फैजान नाम का युवक व अन्य कई लोग जनसंख्या में बदलाव का कारण बने है। पुलिस प्रशासन की माने तो इसमें सिस्टम के अंदर और बाहर कई लोग शामिल हैं। जिसकी यह अभी छोटी सी जांच है और जल्द ही बहुत बड़े रैकेट का खुलासा किया जाएगा। एसपी क्राइम जगदीश चंद्र का कहना है कि पुलिस विभाग राजस्व विभाग को भी एक पत्र लिखेगा जिसमें स्थाई प्रमाण पत्र बनवाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फर्जी बिजली पानी के बिल की जांच करवाई जाएगी जिसके आधार पर ही कई फर्जी लोग पुलिस की गिरफ्त में होंगे।