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Pramod Nautiyal: बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद में बीकेटीसी का बड़ा एक्शन, प्रमोद नौटियाल निलंबित
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बदरीनाथ धाम चढ़ावा मामले में बीकेटीसी का बड़ा फैसला, कर्मचारी प्रमोद नौटियाल निलंबित |Badrinath Donation Irregularities)| Badrinath Donation Irregularities: BKTC Suspends Pramod Nautiyal, Orders Departmental Inquiry|
|Badrinath Donation Irregularities)| Badrinath Donation Irregularities: BKTC Suspends Pramod Nautiyal, Orders Departmental Inquiry| श्री बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। समिति ने अपने वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की विभागीय जांच को भी तेज कर दिया गया है ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच पूरी की जा सके।
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प्रारंभिक जांच में मिले अनियमितता के संकेत (Preliminary Inquiry Report)
बीकेटीसी के अनुसार, बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे को लेकर कुछ शिकायतें सामने आई थीं। शिकायत मिलते ही समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा। प्रारंभिक जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के संकेत मिले, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
जांच पूरी होने तक ज्योर्तिमठ कार्यालय से किया संबद्ध (Administrative Action)
समिति ने स्पष्ट किया है कि निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को जांच पूरी होने तक बीकेटीसी के ज्योर्तिमठ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि जांच प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का प्रभाव या हस्तक्षेप न हो और निष्पक्षता बनी रहे।
चार सदस्यीय जांच समिति कर रही है जांच (Four-Member Investigation Committee)
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति ने उपलब्ध अभिलेखों, दस्तावेजों और संबंधित कर्मचारी के पक्ष का विस्तृत परीक्षण किया। जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद संबंधित कर्मचारी को तत्काल निलंबित करने का निर्णय लिया गया।
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आस्था और चढ़ावे की पवित्रता सर्वोपरि: बीकेटीसी (Hemant Dwivedi Statement)
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान को अर्पित किए जाने वाले चढ़ावे एवं दान की पवित्रता मंदिर समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाएगी तथा यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
