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उत्तराखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बालिग जोड़े को साथ रहने और शादी का अधिकार, पुलिस को सुरक्षा के निर्देश
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Uttarakhand High Court Orders Uttarakhand High Court Live-in Marriage Protection उत्तराखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बालिग जोड़े की सुरक्षा के दिए निर्देश
Uttarakhand High Court Orders Uttarakhand High Court Live-in Marriage Protection| उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हरिद्वार के एक युवा दंपति की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए हरिद्वार पुलिस को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि बालिग व्यक्तियों को अपनी इच्छा से जीवनसाथी चुनने और साथ रहने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है, इसलिए उनके जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा करना राज्य की जिम्मेदारी है।
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परिवार की मर्जी के खिलाफ की थी शादी (Love Marriage Case Uttarakhand)
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में हुई। याचिका 19 वर्षीय विवाहित युवती ने दायर की थी। युवती ने बताया कि उसने इसी वर्ष मार्च महीने में अपने परिवार की इच्छा के विरुद्ध 20 वर्षीय युवक से विवाह किया था। युवक निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि युवती फिलहाल अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए है।
धमकियों के बीच मांगी थी सुरक्षा (Couple Security Petition)
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि विवाह के बाद उन्हें विशेष रूप से युवती के परिवार की ओर से लगातार गंभीर धमकियां मिल रही हैं, जिससे उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। इसी कारण उन्होंने हाई कोर्ट से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
शादी की वैधता पर भी उठे सवाल (Marriage Validity Case)
मामले में विरोध पक्ष की ओर से यह दलील दी गई कि युवक की आयु विवाह के लिए निर्धारित 21 वर्ष से कम है, इसलिए विवाह को वैध नहीं माना जाना चाहिए और इसे निरस्त किया जाना चाहिए। हालांकि, याचिकाकर्ताओं का कहना था कि दोनों बालिग हैं, अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हैं और उन्होंने अपनी इच्छा से विवाह किया है।
हाई कोर्ट ने क्या कहा? (High Court Verdict)
मामले की समीक्षा के बाद न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने कहा कि बालिग व्यक्तियों को बिना किसी दबाव या हस्तक्षेप के अपनी पसंद से विवाह करने और जीवन जीने का अधिकार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
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हरिद्वार पुलिस को दिए अहम निर्देश (Haridwar Police Security Order)
हाई कोर्ट ने हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र के इस दंपति को मिल रही धमकियों का आकलन कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस से कहा है कि दोनों परिवारों, विशेषकर परिजनों को समझाया जाए ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। यह फैसला वयस्कों के वैवाहिक अधिकारों और उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।
