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पिथौरागढ़ के दीपेश अधिकारी ने राष्ट्रीय बॉक्सिंग में जीता कांस्य पदक बढ़ाया प्रदेश का मान
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National Boxing Championship 2026: पिथौरागढ़ के दीपेश सिंह अधिकारी ने राष्ट्रीय बॉक्सिंग में जीता कांस्य पदक, जिले का नाम किया रोशन
National Boxing Championship 2026 Dipesh adhikari won bronze medal: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के होनहार युवा बॉक्सर दीपेश सिंह अधिकारी ने एक बार फिर प्रदेश का मान बढ़ाया है। दीपेश ने बेंगलुरु, कर्नाटक में 4 से 9 फरवरी 2026 तक आयोजित 69वीं SGFI नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025–26 में 70 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक Bronze Medal) अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
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दीपेश ने देवभूमि दर्शन से खास बातचीत मे बताया की वो मूल रूप से जनपद चंपावत के लोहाघाट ब्लॉक के छोटे से गांव किमतोली के निवासी हैं। वर्तमान में वे SAI पिथौरागढ़ में रहकर पेशेवर प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनके पिता जगत सिंह अधिकारी पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, जबकि माता शांति अधिकारी गृहिणी हैं। दीपेश बताते हैं कि उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें खेलों के लिए प्रेरित किया और हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया।
दीपेश की प्रारंभिक शिक्षा पिथौरागढ़ से हुई। बचपन से ही उन्हें खेलों में विशेष रुचि थी और वे स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे। वर्तमान में वे The Asian Academy, Pithoragarh में कक्षा 12वीं के छात्र हैं और पढ़ाई के साथ-साथ बॉक्सिंग में अपना करियर बना रहे हैं।
उन्होंने बॉक्सिंग की शुरुआत लॉकडाउन के दौरान फिटनेस के लिए की थी, लेकिन धीरे-धीरे यही उनका जुनून बन गया। इसके बाद उन्होंने नियमित रूप से सुबह-शाम कड़ी ट्रेनिंग, फिटनेस अभ्यास, स्पैरिंग और तकनीक पर विशेष ध्यान देना शुरू किया। उनकी मेहनत का नतीजा आज राष्ट्रीय स्तर पर पदक के रूप में सामने आया है।
इस सफलता का श्रेय दीपेश अपने माता-पिता, कोच निखिल महार और SAI पिथौरागढ़ की बेहतरीन प्रशिक्षण सुविधा को देते हैं। उनका कहना है कि इन सभी के सहयोग और मार्गदर्शन के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी।
भविष्य को लेकर दीपेश का लक्ष्य साफ है। वे राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं और देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का सपना देखते हैं।
युवाओं को संदेश देते हुए दीपेश कहते हैं, “अगर आप खेलों में करियर बनाना चाहते हैं तो अनुशासन, मेहनत और धैर्य कभी मत छोड़िए, सफलता जरूर मिलेगी।”
दीपेश की यह उपलब्धि निश्चित रूप से उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा है।
