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Pauri Guldar: पौड़ी गजल्ड गांव में मशहूर शिकारी जाय हुकिल ने ढ़ेर किया आदमखोर गुलदार
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Pauri Guldar Joy Hukil : पौडी के गजल्ड गांव में हुआ नरभक्षी गुलदार का खात्मा, चार शूटरों की टीम ने किया गुलदार का सफाया, लोगों ने ली राहत की सांस..
Pauri Garhwal Guldar killed by Joy Hukil gajald village : उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है जहां आदमखोर गुलदार को शूटर जाय हुकिल ने अपनी गोली से ढेर कर दिया है। गुलदार के खात्मे की खबर सुनते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बताते चलें गुलदार की मौत के बाद से एक बार फिर से गुलदार की दहशत वाले इलाके में स्थिति सामान्य हो गई है।
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गौर हो बीते 4 दिसंबर को पौडी जिले के गजल्ड गांव के बाला सुंदरी मंदिर से पूजा कर घर लौट रहे राजेंद्र नौटियाल को गुलदार ने अपना निवाला बनाया था। घटना के बाद से लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था जिन्होंने प्रशासन से गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग की थी। आपको बता दें कि वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने के लिए गांव में दो विभागीय शूटर तैनात कर दिए थे। लेकिन, क्षेत्रवासी लगातार निजी शूटर तैनात करने की मांग कर रहे थे। इस पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने गजल्ड गांव में मशहूर शिकारी जाय हुकिल व राकेश बड़थ्वाल को तैनात करने के आदेश जारी किए। मंगलवार को दोनों शिकारियों ने गजल्ड गांव में गुलदार के आने-जाने वाले रास्तों, घटना स्थल व आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया।
जॉय हुकिल की गोली का शिकार बना गुलदार ( pauri Garhwal news)
सोमवार की रात से ही गजल्ड गांव में फेमस शूटर जॉय हुकिल और राकेश बडथ्वाल ने वन विभाग की टीम के साथ डेरा डाला हुआ था। जिसके चलते बीते बुधवार की रात आखिरकार गुलदार शिकारी की गोली का निशाना बन गया। जॉय हुकिल के सटीक निशाने से आदमखोर गुलदार सफाया तो हुआ ही वहीं समस्त ग्रामीण डर के साये से बाहर निकले। गौर हो गुलदार के डर से क्षेत्र के 62 स्कूलों को गुरुवार तक बंद कर दिया गया था ताकि गुलदार किसी अन्य को अपना शिकार न बना सके।
जॉय हुकिल ने 2007 मे किया था पहला शिकार ( pauri Garhwal Joy Hukil)
बताते चलें पौडी जिले के निवासी व मशहूर शूटर जॉय हुकिल बीते 18 वर्षों में 46 आदमखोर गुलदार और एक बाघ को ढेर कर चुके हैं ,जिन्होंने करीब 6 साल बाद गजल्ट गांव के आदमखोर गुलदार को मारने के लिए बंदूक उठाई जिसमे उन्हे एक बार फिर से सफलता मिली। हुकिल ने आदमखोर गुलदार का पहला शिकार वर्ष 2007 और वर्ष 2009 में किया था। हुकिल बताते हैं कि एक आदमखोर गुलदार को मारने से पूरे इलाके के लोगों की रक्षा होती है इसलिए उन्होंने शिकारी बनने का निर्णय लिया। हुकिल वर्तमान में पौडी के गडोली में हंटर हाउस होम स्टे का संचालन करते हैं जहां पर वह स्कूली बच्चों और पर्यटकों को मानव वन्यजीव संघर्ष की कहानी सुनाकर जागरुक करते हैं।
पौडी जिले मे 27 लोगो की गुलदार के हमले मे मौत ( pauri Garhwal news today)
अकेले पौडी जिले के वनप्रभाग की छह रेंजो की अगर बात करें तो यहाँ पर पिछले 5 साल में गुलदार के हमलों के कारण 27 लोगो की मौत हुई जबकि 105 से ज्यादा लोग घायल हुए। वर्ष 2022 में 7 लोगों की मौत हुई हालांकि वर्ष 2023 में सबसे कम मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं दर्ज की गई।
