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Uttarakhand news: वन निगम के संविदा कम्प्यूटर आपरेटर ने कर दिया लाखों का घोटाला
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Uttarakhand computer operator scam : वन निगम का सविंदा कंप्यूटर ऑपरेटर कर गया बड़ा खेला, 26 महीने की नौकरी मे कर दिया लाखों का घोटाला...
Uttarakhand Forest Corporation samvida contract computer operator big fraud scam worth lakhs latest news today : उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है ,जहां पर वन निगम के लौंगिग प्रभाग मे तैनात एक कंप्यूटर ऑपरेटर ने बड़ा घोटाला किया है। इतना ही नहीं बल्कि कंप्यूटर ऑपरेटर पर लाखों रुपए की धोख़ाधडी करने का गंभीर आरोप लगा है। बताते चले प्रदेश में इस तरह के कई सारे मामले सामने आ चुके हैं, जहां पर सरकारी सेवाओं में तैनात कई सारे अधिकारियों ने लाखों करोड़ों रुपए का घोटाला किया है।
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Uttarakhand computer operator fraud: अभी तक मिली जानकारी के अनुसार नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक के धानाचूली निवासी 26 वर्षीय महेंद्र सिंह बिष्ट कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। दरअसल महेंद्र सिंह बिष्ट वन निगम के लौंगिग प्रभाग पूर्वी हल्द्वानी में संविदा की 2 साल दो महीने की नौकरी में कंप्यूटर ऑपरेटर बन बड़ा घोटाला करता रहा। महेंद्र ने नौकरी लगते ही बड़े अधिकारियों से नजदीकी दिखाई और महकमे मे खुद का दबदबा कायम करने में जुटा रहा व अधिकारियों को अपने प्रभाव में लेकर डराने लगा।
विभागीय कार्य के लिए मिले माउस और कीबोर्ड को लेकर गया घर (Uttarakhand contact samvida computer operator forest corporation )
बताते चले महेंद्र ने उपस्थिति और अनुपस्थिति का खेल कंप्यूटर मे शुरू किया। जिसने 19,20,21 दिसंबर 2023 और 6 मार्च 2024 को बायोमेट्रिक मशीन के रिकॉर्ड में अनुपस्थित होने के बावजूद रजिस्टर में बैक डेट में हस्ताक्षर किए थे। 26 माह में 76 बार महेंद्र ऑफिस के समय से पहले सुबह 8:00 से 9:00 बजे के बीच उपस्थिति दर्ज करवाता गया और फिर पूरे दिन गायब रहा। महेंद्र ने सात बार अवकाश के आवेदन की स्वीकृति ली और बायोमेट्रिक में उपस्थिति भी दर्ज करवाई। यहां तक की महेंद्र खुद जो डाक भेजता था उसे स्वयं की डिस्पैच रजिस्टर पर चढाता था। जांच में पता चला कि विभागीय कार्य के लिए उसे माउस और कीबोर्ड मिला था जिसे वह घर लेकर चला गया।
आरटीआई ने मांगी जानकारी तो बदल डाला पासवर्ड ( nainital breaking news)
आरटीआई ने जब कंप्यूटर की जानकारी मांगी तो इस पर आरटीआई से जुड़े लॉगिन का यूजर आईडी और पासवर्ड भी चेंज कर दिया गया। जिसका आरोप भी महेंद्र पर लगा है हालांकि किसी तरह से यह मुख्यालय से रिकवर किया गया।
पद से बर्खास्त हुआ महेंद्र सिंह बिष्ट ( nainital latest news)
जांच पड़ताल में पता चला कि कंप्यूटर ऑपरेटर ने सहायक लेखाकार मोहन कुमार और राष्ट्रीयकृत बैंक के कुछ स्टाफ से मिलीभगत कर राजकीय खाते से आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय का 72,775 का भुगतान वन निगम के चेक की फोटो कॉपी से कराया। इसके बाद वन विभाग ने जब चेक भेजा तो दोबारा भुगतान हुआ। इसके बाद 72,775 रुपए वापस लेने में एक माह लग गया। 3 से 4 माह पहले डीएलएम पूर्वी हल्द्वानी का कार्यभार ग्रहण किया तब से कंप्यूटर ऑपरेटर महेंद्र सिंह बिष्ट के खिलाफ कई गंभीर शिकायत थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच करवाई गई तो जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार और अनियमितता से जुड़े कई मामले सामने आए । वही लाखों रुपए का घोटाला करने पर कंप्यूटर ऑपरेटर को बर्खास्त करते हुए उसे संपूर्ण वन विकास निगम से ब्लैक लिस्टेड किया गया है।
