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Uttarakhand News: ऊषा धामी ने तोड़ी पुरानी रूढ़िवादिता चाचा की चिता को दी मुखाग्नि
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Pithoragarh News Hindi: ऊषा धामी ने तोड़ी पुराने ख्यालातों की बेड़िया , चाचा की चिता को दी अग्नि, क्रिया में बैठकर अंतिम संस्कार की रस्में करेंगी पूरी...
Pithoragarh News Hindi(Usha Dhami )हिंदू धर्म की पारंपरिक मान्यताओं के आधार पर माना जाता है कि जब परिवार मे किसी का निधन होता है तो उनकी मृत्यु के बाद केवल लड़को को ही उन्हे मुखाग्नि देने का अधिकार होता है जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन अक्सर कई बार देखा जाता है कि जिन घरों मे पुत्र नही होते है, या जो लोग अविवाहित होते हैं उस घर की अन्य बेटियां भी अक्सर अपने करीबी रिश्तेदार को कंधा देती है। ऐसी ही कुछ खबर राजधानी देहरादून से सामने आ रही है जहां पर एक बेटी ने रूढ़िवादी परंपरा को तोड़कर अपने अविवाहित चाचा के दाह संस्कार की सारी रस्मे निभाते हुए अपने चाचा को मुखाग्नि दी है।
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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार राजधानी देहरादून के ऋषिकेश के वीरभद्र रोड स्थित हाईडिल की बैराज कॉलोनी के निवासी 58 वर्षीय अर्जुन सिंह बिष्ट यूजेवीएन लिमिटेड में टीजी -2 के पद पर कार्यरत थे जिनकी बीते दिन मृत्यु हो गई थी। दरअसल अर्जुन सिंह ने विवाह नहीं किया था जिसके चलते उनकी देखरेख उनके भाई का परिवार करता था जो मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के धारचूला निवासी हैं। अर्जुन की भतीजी उषा धामी को चाचा से बेहद लगाव था जिसके कारण वह अक्सर अपने चाचा को मिलने के लिए व उनका ख्याल रखने के लिए ऋषिकेश आती रहती थी। इतना ही नहीं बल्कि बीते दो दिन पहले ही उषा अपने चाचा से मुलाकात कर देहरादून लौटी थी तभी अचानक से उनके चाचा का देहांत हो गया था जिसकी जानकारी उन्होंने अपने परिजनों को दी । इसके अलावा उषा ने इसकी जानकारी दुबई में काम कर रहे अपने भाई रंजीत सिंह और मयंक सिंह धामी को देते हुए तुरंत ऋषिकेश आने को कहा लेकिन उनके आने में देरी हो रही थी जिसको देखते हुए उषा ने किसी का इंतजार नहीं किया और चाचा के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी खुद उठाने का महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए चाचा की चिता को मुखाग्नि दी और अब वह क्रिया में बैठने से लेकर अन्य सभी रस्में पूरी करेंगी ।
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