उत्तराखण्ड हरिद्वार
उत्तराखंड: दीपक रावत ने छह दिन बाद भी नहीं संभाला एमडी पदभार मिल सकती है अब ये तैनाती
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तबादला होने के 6 दिन बाद भी आईएएस दीपक रावत (IAS DEEPAK RAWAT) ने नहीं संभाला ऊर्जा निगम के एमडी का कार्यभार, जिलाधिकारी के पद पर हो सकती है नई तैनाती..
उत्तराखण्ड शासन ने बीते दिनों बड़े स्तर पर आईएएस अधिकारियों के तबादले किए थे, इसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से कार्मिक विभाग की ओर से आदेश जारी कर आईएएस अधिकारियों को तबादले के लिए सिफारिशें न लगाने को कहा गया था बावजूद इसके छः दिनों बाद भी कई आईएएस अधिकारियों ने अपने नए स्थानांतरण पोस्ट पर ज्वाइनिंग नहीं दी है। जिसको देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि ये आईएएस अधिकारी अपनी तैनाती किसी और पद पर कराने की जुगत में लगे हैं। इन आईएएस अधिकारियों में लोकप्रिय आईएएस दीपक रावत (IAS DEEPAK RAWAT) भी शामिल हैं। बता दें कि कुंभ मेलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे आईएएस दीपक रावत को शासन द्वारा ऊर्जा निगम और उत्तराखण्ड विद्युत पारेषण निगम (पिटकुल) का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया था। खबर तो यह भी आ रही है कि जिलाधिकारी पद पर नियुक्त होने की चाह रख रहे दीपक रावत नई जिम्मेदारी नहीं संभालने को लेकर राज्य के ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत से बात भी कर चुके हैं। जिसको देखते हुए माना जा रहा है कि जल्द ही आईएएस अधिकारी दीपक रावत के तैनाती स्थल को बदला जा सकता है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार तबादला सूची जारी होने के छः दिन बाद भी आईएएस दीपक रावत ने ऊर्जा निगम और पिटकुल के प्रबंध निदेशक का पदभार ग्रहण नहीं किया है। इसको देखते हुए माना जा रहा है कि हरिद्वार में कुंभ मेलाधिकारी के पद पर तैनात दीपक रावत इस पदभार को ग्रहण करने के पक्ष में नहीं हैं। इस संबंध में उनकी ऊर्जा मंत्री डा हरक सिंह रावत से भी बात हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो ऊर्जा मंत्री डॉक्टर हरक सिंह रावत खुद भी विभाग में हुए उक्त फेरबदल से खुश नहीं है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि ऊर्जा निगम में प्रबंध निदेशक पद के लिए जल्द साक्षात्कार होने वाले हैं। ऐसे में इस पद की जिम्मेदारी आइएएस को सौंपे जाने के औचित्य पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। ऐसे में मंत्री के रूख को देखते हुए सरकार जल्द इस संबंध में कोई बड़ा फैसला ले सकती है। जिसके बाद आईएएस दीपक रावत को जिलाधिकारी बनाकर किसी जिले की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
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