Srinagar Garhwal Kitab Kauthik: श्रीनगर गढ़वाल में आगामी 15 – 16 फरवरी को होने वाला किताब कौथिक हुआ निरस्त, गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी थे मुख्य अतिथि, विद्यार्थी परिषद को माना जा रहा दोषी…..
Srinagar Garhwal Kitab Kauthik: उत्तराखंड के पौडी जिले के श्रीनगर गढ़वाल में आगामी 15 और 16 फरवरी को रामलीला मैदान में किताब कौथिक का आयोजन किया जाना था जिसमें गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करने वाले थे इसके साथ ही हिंदी अंग्रेजी के अलावा लोक भाषा के 40 से अधिक प्रकाशक आने वाले थे जिसे लेकर वो बेहद उत्साहित थे लेकिन भाजपा से जुड़े विद्यार्थी परिषद के छात्रों के दबाव में आकर प्रशासन ने इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया है जिसको लेकर सोशल मीडिया पर भारी बवाल मचा हुआ है। वहीं कुछ लोगों का कहना है की गढ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी भू कानून और मूल निवास का समर्थन कर रहे हैं जिसके कारण किताब कौथिक को निरस्त कर दिया गया है। आखिर विद्यार्थी परिषद के छात्रों को किताबों से इतनी परहेज व डर क्यों है ।
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narendra singh negi Kitab Kauthik बता दें पौड़ी जिले के श्रीनगर गढ़वाल में आगामी 15 और 16 फरवरी को रामलीला मैदान में किताब कौथिक का आयोजन होना था जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी शिरकत करने वाले थे। इतना ही नहीं बल्कि इसके साथ ही किताब कौथिक में हिंदी अंग्रेजी के साथ लोक भाषा के 40 से अधिक प्रकाशक आने वाले थे लेकिन प्रशासन की ओर से किताब कौथिक को अनुमति न मिलने के कारण इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है जिसको लेकर सोशल मीडिया पर भारी बवाल शुरू हो गया है । वही किताब कौथिक को लेकर प्रशासन ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया में भ्रांति फैलाने की कोशिश की जा रही है जो उचित नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को 15 और 16 फरवरी को जन जागरण कार्यक्रम श्रीनगर के रामलीला मैदान में कराने की अनुमति विधिवत रूप से दी गई है जिस पर सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं है। जबकि नरेंद्र सिंह नेगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है कि किताब कौथिक के लिए इजाजत न मिलाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना है कि श्रीनगर शिक्षा का बहुत बड़ा केंद्र है जहां पर भाजपा से जुड़े विद्यार्थी परिषद के दबाव में प्रशासन ने किताब कौथिक की इजाजत नहीं दी है।
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Srinagar Kitab Kauthik news इस मामले में भू कानून समन्वय संघर्ष समिति ने भी हल्ला बोला है। भू कानून समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि भाजपा के छात्र संगठन का नाम विद्यार्थी परिषद है उसे किताबें और कविताओं से डर लग रहा है इतना डर की लोक कवियों और किताबों के कार्यक्रम किताब कौथिक को निरस्त तक करवा दिया। इतना ही नहीं बल्कि मोहित डीमरी ने कहा कि गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी लगातार भू कानून और मूल निवास का समर्थन कर रहे हैं वह इन मुद्दों पर अपनी बात रख रहे हैं जिसके कारण उत्तराखंड गौरव नरेंद्र सिंह नेगी का कार्यक्रम और किताब कौथिक को निरस्त किया गया है। एनएसयूआई के नेताओं ने किताब कौथिक को निरस्त करने के पीछे भाजपा के अनुसांगिक संगठन की कुंठित मानसिकता का उदाहरण बताया है उन्होंने कहा कि ज्ञान किसी भी माध्यम से ग्रहण करना चाहिए लेकिन विरोध के कारण बुद्धिजीवियों और छात्रों को इस अवसर से वंचित किया जा रहा है। जिस शिक्षा के लिए सभी को आगे आना चाहिए वहीं कुछ छात्रों की वजह से इस कार्यक्रम को होने से रोका जा रहा है ।
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