UTTARAKHAND NEWS नैनीताल
Uttarakhand news: स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से हाईकोर्ट नाराज DG सचिव को भेजा नोटिस
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Uttarakhand highcourt hospital health: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर हाईकोर्ट में सुनवाई, राज्य के स्वास्थ्य महानिदेशालय समेत हेल्थ सचिव को कोर्ट में पेश होने के दिए आदेश…
Uttarakhand poor health condition on govt hospital highcourt summoned Director General Secretary breaking news live today: उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं किसी से छिपी नहीं है। इतना ही नहीं बल्कि प्रदेश में ऐसे कई सारे अस्पताल मौजूद हैं, जहां पर ना तो उचित स्वास्थ्य सुविधाएं हैं और ना ही डॉक्टर उपलब्ध है। अस्पताल में उपकरण और डॉक्टरों की कमी के कारण आए दिन लोगों को अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिसके कारण काफी बार उनकी जिंदगी तक चली जाती है। प्रदेशभर में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पत्र पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य महानिदेशालय समेत हेल्थ सचिव को कोर्ट में पेश होने को कहा है।
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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सुनवाई की। जिसके बाद मामले की सुनवाई होने पर हाई कोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य महानिदेशालय समेत हेल्थ सचिव को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं। वही मामले की अगली सुनवाई अब 17 नवंबर को होनी है। बताते चलें इस पूरे मामले में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मूलभूत सुविधा नहीं मिल पा रही है।
सरकारी अस्पताल में डॉक्टर और उपकरण ना होने पर मरीजों को भेजा जाता है हायर सेंटर ( Government Hospital Uttarakhand breaking news)
सभी जिला अस्पताल मरीजों को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर रहे हैं। इसके अलावा एक डिलीवरी करने के लिए गर्भवती महिलाओं को दून अस्पताल या हल्द्वानी महिला हॉस्पिटल रेफर किया जाता है। हैरानी की बात तो यह है कि वहां पर ना तो डॉक्टर समय पर आते हैं और ना ही निर्धारित समय पर ड्यूटी पर स्टाफ तैनात रहता है। इस मामले को कोर्ट ने खुद संज्ञान में लेकर कहा कि राज्य का उच्च न्यायालय होने के नाते जब यहां पर कोई स्वास्थ्य की सुविधा नहीं है तो प्रदेश के अन्य जिलों के क्या हाल होंगे ये सोचनीय विषय है।
सरकारी अस्पतालों में इंडियन हेल्थ स्टैंडर्ड के मानको की कमी ( Uttarakhand Government hospital news)
मामले के अनुसार उच्च न्यायालय में स्थित राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को एक व्यक्ति द्वारा राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के मामले पर शिकायत दर्ज कराई गई ,जिस पर मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की पीठ ने निदेशक स्वास्थ्य से 21 नवंबर को कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने को कहा गया है। शिकायत में कहा गया है कि जिला अस्पताल सिर्फ सेंटर रेफर बनकर रह गए हैं। इसके अलावा याचिका में यह बात भी कही गई है कि अस्पताल में इंडियन हेल्थ स्टैंडर्ड के मानको की कमी है। उच्च न्यायालय से सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सके ।
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