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Uttarakhand News: अल्मोड़ा के प्रकाश पांडे का ऐपण हुनर तो देखिए, अम…
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prakash pandey aipan art self employment lamgara almora uttarakhand news today: अल्मोड़ा के धूरा संग्रोली से दुनिया तक ऐपण कला की पहचान बना रहे हैं प्रकाश पांडे
prakash pandey aipan art self employment lamgara almora uttarakhand news today: उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल की विलुप्तप्राय पारंपरिक लोककला ऐपण आज अगर पुनजीर्वित हो रही है तो इसका पूरा श्रेय पहाड़ के उन मेहनतकश युवाओं को जाता है जिन्होंने ऐपण को स्वरोजगार का जरिया देकर इसके प्रचार प्रसार का जिम्मा उठाया है। लोककला ऐपण को नई पहचान देने वालों में अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा विकासखंड के छोटे से गांव धूरा संग्रोली निवासी प्रकाश पांडे का नाम आज तेजी से उभर रहा है, जिन्होंने सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर अपनी मेहनत और कला के दम पर न केवल उत्तराखंड, बल्कि देश-विदेश तक ऐपण को पहुंचाया है।
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देवभूमि दर्शन से खास बातचीत prakash pandey aipan art
देवभूमि दर्शन से खास बातचीत में प्रकाश पांडे ने बताया कि वे एक बेहद सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता गिरीश पांड गांव में ही एक छोटी दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां हेमा एक कुशल गृहिणी हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियों और आर्थिक सीमाओं के बीच पले-बढ़े प्रकाश ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा बागेश्वर से प्राप्त की, जहां वे अपने चाचा के साथ रहते थे। इसके बाद उन्होंने इंटरमीडिएट तक की शिक्षा राजकीय इंटर कॉलेज कनरा, लमगड़ा से हासिल की।
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बिना किसी कोचिंग के स्वयं सीखी ऐपण कला, चार सालों से बना रहे विभिन्न उत्पाद prakash pandey lamgara almora news today uttarakhand self employment
बात ऐपण कला की करें तो इस ओर उनका रुझान किसी प्रशिक्षण संस्थान से नहीं, बल्कि सहज जिज्ञासा से पैदा हुआ। जब वे आसपास के लोगों को ऐपण बनाते देखते थे, तो यह कला उन्हें आकर्षित करती थी। यहीं से उन्होंने खुद सीखने की ठानी और बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के अभ्यास शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह रुचि जुनून में बदली और इसमें पारंगत होने के बाद बीते करीब चार वर्षों से वे निरंतर ऐपण कला उत्पाद बना रहे हैं। प्रकाश द्वारा बनाए जा रहे ऐपण उत्पादों की सूची काफी विस्तृत है। जिनमें मुख्य रूप से टोपी, जूट बैग, नेम प्लेट, पूजा थाली, कलश, चौकी, करवा चौथ सेट, राखी, वॉल हैंगिंग, चाबी के छल्ले, तोरण सहित कई सजावटी और पूजन सामग्री शामिल हैं।
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अमेरिका से भी आ रहे आर्डर prakash pandey aipan art lamgara almora
उनकी कला की खासियत यह है कि पारंपरिक ऐपण को उन्होंने आधुनिक उपयोग की वस्तुओं से जोड़ा है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। उनके बनाए ऐपण उत्पादों के ऑर्डर पुणे, मुंबई, दिल्ली, देहरादून सहित देश के कई शहरों से नियमित रूप से आ रहे हैं। इतना ही नहीं, उनकी कला ने विदेशों तक भी पहुंच बनाई है। इतना ही नहीं वे अब तक अमेरिका (USA) से भी दो ऑर्डर प्राप्त हो चुके हैं, जो उनके काम के हुनर, गुणवत्ता और लोकप्रियता को दर्शाता है। फिलहाल प्रकाश पांडे नौकुचियाताल (नैनीताल) में अपने बुआ के रेस्टोरेंट में कार्यरत हैं और साथ ही ऐपण कला को आगे बढ़ाने में जुटे हुए हैं। वे मानते हैं कि ऐपण सिर्फ कला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।
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