Connect with us
Rohit Kaluda Tehri Garhwal donate organs
Image : Devbhoomi darshan ( donate organs save lives)

Home / UTTARAKHAND NEWS / टिहरी गढ़वाल के नंदगांव का ‘अमर’ बेटा रोहित कलुडा 14 अंगदान का लिया संकल्प

UTTARAKHAND NEWS टिहरी गढ़वाल

टिहरी गढ़वाल के नंदगांव का ‘अमर’ बेटा रोहित कलुडा 14 अंगदान का लिया संकल्प

1 min read

Donate Organs Save lives: टिहरी के नंदगाँव का ‘अमर’ बेटा रोहित कलुडा: 14 अंगदान का लिया संकल्प

Rohit Kaluda Tehri Garhwal donate organs: कहते हैं इंसान इस दुनिया में खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही चला जाता है, लेकिन उत्तराखंड के टिहरी जिले के नंदगाँव निवासी युवा रोहित कलुडा ने इस कहावत को गलत साबित कर दिया है। रोहित ने एक ऐसा मानवीय और प्रेरणादायक फैसला लिया है, जिससे वह इस दुनिया से जाने के बाद भी कई लोगों की जिंदगी में हमेशा जिंदा रहेंगे। रोहित ने अपनी मृत्यु के बाद 14 अंगों और ऊतकों (Organs & Tissues) को दान करने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही वह टिहरी जिले के पहले युवा बन गए हैं जिन्होंने आधिकारिक रूप से अंगदान के लिए पंजीकरण कर इतिहास रच दिया है। समाज में जहां अंगदान को लेकर हिचक और डर बना रहता है, वहीं रोहित ने आगे बढ़कर यह साहसिक कदम उठाया। उनका यह निर्णय न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे नंदगाँव और टिहरी जिले के लिए गर्व की बात बन गया है।

यह भी पढ़े :उत्तराखंड: बेटी ने पिता को लिवर डोनेट कर दिया नया जीवनदान है ,धन्य है ये बेटी

भावुक पल जब भरा NOTTO फॉर्म

स्वास्थ्य मंत्रालय की संस्था NOTTO के अंगदान फॉर्म पर हस्ताक्षर करते समय रोहित के मन में सिर्फ एक ही भावना थी —
“मेरा शरीर तो एक दिन मिट्टी में मिल जाएगा, लेकिन अगर मेरी किडनी किसी का डायलिसिस रोक सके, मेरा दिल किसी के सीने में धड़क सके और मेरी आँखें किसी की अंधेरी दुनिया में रोशनी भर सकें, तो इससे बड़ी खुशकिस्मती क्या होगी।”

रोहित के संकल्प की खास बातें

✅ नंदगाँव का नाम मानवता की मिसाल के रूप में स्थापित
✅ एक फैसले से 8 लोगों को मिल सकता है नया जीवन
✅ पहाड़ी क्षेत्र में अंगदान जागरूकता की नई शुरुआत
✅ युवाओं के लिए प्रेरणा बने रोहित

रोहित की अपील

रोहित कहते हैं
“मैं चाहता हूँ कि मेरे जाने के बाद भी मेरा परिवार मुझे किसी और की मुस्कान और आँखों में देख सके। शरीर को राख होना ही है, तो क्यों न इसे किसी की जिंदगी का सहारा बना दिया जाए। मैं चाहता हूँ टिहरी का हर युवा इस मुहिम से जुड़े।”
समाज के लिए संदेश

रोहित का यह कदम बताता है कि सच्ची इंसानियत वही है, जो दूसरों के जीवन में उम्मीद की रोशनी बन सके। उनका यह संकल्प निश्चित रूप से टिहरी ही नहीं, पूरे उत्तराखंड में अंगदान के प्रति नई जागरूकता पैदा करेगा। रोहित कलुडा का यह जज्बा हम सभी के लिए प्रेरणा है। आइए, अंगदान जैसे महादान के लिए आगे आएं और कई जिंदगियों को नई उम्मीद दें।

Continue Reading

More in UTTARAKHAND NEWS

To Top