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केदारनाथ आपदा में मृत समझ परिजनों ने किया अंतिम संस्कार, 12 साल बाद जिंदा घर पहुंचा शिवम
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Shivam of roorkee Haridwar returns home alive after 12 years of Kedarnath disaster uttarakhand latest news today: केदारनाथ आपदा में मृत समझा व्यक्ति 12 साल बाद जीवित लौटा घर, परिजन कर चुके थे अंतिम संस्कार, व्यक्ति को जिंदा देख सब रह गए हैरान..
Shivam of roorkee Haridwar returns home alive after 12 years of Kedarnath disaster uttarakhand latest news today: उत्तराखंड के लिए 16 व 17 जून वर्ष 2013 का दिन काले दिनों में से एक गिना जाता है , क्योंकि इस दिन ही रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम में बाढ़ के कारण भारी त्रासदी मची थी। जिसमें कई लोगों की जान गई जबकि भारी संख्या में लोग लापता तक हो गए थे।
केदारनाथ आपदा में हरिद्वार जिले का एक व्यक्ति भी लापता हो गया था, जिसे उसके परिजन मृत मान चुके थे इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने उस व्यक्ति का अंतिम संस्कार तक कर चुका था। हालांकि हैरानी की बात तो यह है कि करीब 12 साल बाद व्यक्ति के परिजनों को खबर मिली कि जिसका अंतिम संस्कार वो मृत समझकर कर चुके है असल में वह व्यक्ति जिंदा है।
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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार जिले के रुड़की का निवासी 55 वर्षीय शिवम वर्ष 2013 मे रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम की यात्रा पर गया था। लेकिन 16-17 जून की भीषण (बाढ़) त्रासदी में शिवम भी अन्य लोगो के साथ लापता हो गया जबकि कई लोगों की जिंदगियां हमेशा के लिए केदारनाथ में दफन हो गई। कई दिनों तक शिवम के परिजन उसकी खोजबीन करते रहे लेकिन उन्हें शिवम के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। शिवम का कुछ सुराग न मिल पाने के कारण उसके परिजनों ने मान लिया था कि शिवम केदारनाथ आपदा में मर चुका है, जिसके चलते उन्होंने शिवम का अंतिम संस्कार तक कर दिया और सरकारी सूची में शिवम का नाम मृतको की सूची में दर्ज हो गया।
12 साल बाद जिंदा घर लौटा शिवम ( kedarnath news today)
शिवम के परिजन दिन रात शिवम को याद करते हुए रोते रहे तभी अचानक से 12 साल बाद बीते 5 दिसंबर 2025 को उन्हे खबर मिली की शिवम जिंदा है जो अपने भाई के साथ वापस घर लौटा। शिवम को जिंदा देखकर हर किसी की आंखें खुशी से भर आई और उन्होंने इस घटना को किसी चमत्कार से कम नहीं माना।
पहाड़ी बोली और स्कूल के नाम से चला शिवम का पता (roorkee haridwar missing shivam on kedarnath disaster)
बताते चले शिवम कई सालों से महाराष्ट्र के संभाजीनगर ( औरंगाबाद) स्थित एक मंदिर में रह रहा था। वर्ष 2021 में उस पर चोरी की घटना का गंभीर आरोप लगा इसके बाद पुलिस ने कुछ चोरों को पकड़ने के बाद बेवजह शिवम का नाम भी मामले मे अंकित कर दिया। जब कोर्ट में पेशी हुई तो शिवम की मानसिक स्थिति को देखते हुए पुणे के रीजनल मेंटल हॉस्पिटल RMH मे उसे भर्ती करने का आदेश दिया गया। इसके बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि चोरी के मामले में शिवम का कोई लेना देना नहीं है। RMH की समाज सेवा अधिकार रोहिणी भोसले ने बताया कि शिवम पहाड़ी बोली बोलता था और पोलियो की वजह से उसे चलने फिरने में काफी दिक्कत थी।
रुड़की पुलिस प्रशासन से किया गया संपर्क
लंबे समय तक शिवम की पहचान नहीं हो पाई वहीं जब 2023 मे शिवम ने अपने स्कूल का नाम प्रेम विद्यालय रुड़की लिया तो इसके जरिए ही शिवम की अन्य जानकारियां जुटाई जाने लगी। भोसले ने तुरंत रुड़की पुलिस प्रशासन से संपर्क किया। जिसके बाद पुलिस प्रशासन की टीम ने शिवम के परिवार का पता लगाया और डीएनए टेस्ट के बाद शिवम की पहचान पक्की हुई।
शिवम को डिसऑर्गेनाइज्ड सिजोफ्रेनिया की बीमारी
डॉक्टर के मुताबिक शिवम को डिसऑर्गेनाइज्ड सिजोफ्रेनिया की बीमारी है जिसमे व्यक्ति की सोचने और बोलने की क्षमता पूरी तरह से अव्यवस्थित हो जाती है। इसी का असर है कि शिवम को यह याद तक नहीं है की बाढ़ के बाद वह केदारनाथ से महाराष्ट्र कैसे पहुंचा।
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