Connect with us
Uttarakhand: Pooja Negi poem jab bhi thak jati hun

Home / काव्य संकलन / कविता – ……. पूजा नेगी ( काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)

काव्य संकलन देवभूमि दर्शन

कविता – ……. पूजा नेगी ( काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)

1 min read

जब भी थक जाती हूं माँ तुझको ही मैं पाती हूँ माँ
बिखर पड़ी जो जमी पर माँ फिर समेट लेती हूँ माँ
उन टूटे टुकड़ो से माँ तेरा नाम लिखवाती हूँ माँ
शब्द नही निःशब्द है तू माँ पिता तू माँ ,माँ भी तू माँ
संघर्ष की देवी है तू हिम्मत भी तो तुझसे पाऊ माँ
दिल मे जो मेरे कह न पाऊ माँ मिलू जो खुदा से माँ
तो तुझे ताज बना दूँ माँ सर पर पहनू माँ कभी न उतारू माँ तू मेरी ताकत तुझे बताऊ माँ
पढ़ती रहती हूं किताबे माँ पर तेरी आँखे न पढ़ पायी माँ , करती हूं दिल से पूजा माँ तेरी बेटी तेरी पूजा माँ(Pooja Negi Poem)
पूजा नेगी
गांव- क़्वाली
जिला- पौड़ी गढ़वाल
तहसील धुमाकोट नैनीडांडा

यह भी पढ़ें- कविता – हम जीना भूल गए……. पूजा नेगी ( काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)
आप अपनी कविताएं, रचनाएं, और उत्तराखंड से संबंधित कथाएं हमें निम्न पते पर भेज सकते है।👇👇
Email id- [email protected]
Watsapp – +917455099150

उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP GROUP से जुडिए।

👉👉TWITTER पर जुडिए।

Continue Reading

More in काव्य संकलन

To Top