गढ़वाली कविता: गांव की पीड़ा…. ममता (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)
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उत्तराखण्ड
गढ़वाली कविता- “कथा हरची मेरा मुल्क की रिवाज…” दीपिका (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)
668गढ़वाली कविता- कथा हरची मेरा मुल्क की रिवाज…..Deepika poem कख हरची मेरा मुल्क की रिवाज हमारा एक बनी बनी का...
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कुमाऊंनी कविता- “मेरो पहाड़, रंगीलो पहाड़….” कशिश अधिकारी (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)
743कुमाऊनी कविता – मेरो पहाड़, रंगीलो पहाड़…Kashish adhikari poem मेरो पहाड़, रंगलो पहाड़। अलग अलग छन खोला गाड।। संस्कृति यों...
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कुमाऊंनी कविता -प्रवासी क पीड़…..चन्द्र शेखर लोहुमी (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)
640कुमाऊंनी कविता- प्रवासी क पीड़ chandra sekhar lohumi poem प्रवासी क पीड़ पूषा म्हैण कि ठंडी हाव ऊण लाग रै...
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कुमाऊंनी कविता- “जब ले के चीज़ हार छु मि….” हंसा राणा (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)
780कुमाऊंनी कविता- जब ले के चीज़ हार छु मि….Hansa rana poem जब ले के चीज़ हार छु मि, जब ले...
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कुमाऊंनी कविता- “- पहाड़ छुटी गो…” दीपा कुनियाल (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)
595कुमाऊंनी कविता- पहाड़ छुटी गो…Deepa kuniyal poem सांस में बसी हमर पहाड़ छुटी गो, दिल में बांधी एक तार टूटी...
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कुमाऊंनी कविता- “- हमर उत्तराखंड छा रछा सबे जगा…” दीपा कुनियाल (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)
604कुमाऊंनी कविता- हमर उत्तराखंड छा रछा सबे जगा…..Deepa kuniyal poems हमर उत्तराखंड छा रछा सबे जगा। हमर उत्तराखंड छा रछा...
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कुमाऊंनी कविता- “उ दिन का गौ हुन्याल….” विराट रैरतोलिया (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)
723कुमाऊंनी कविता – उ दिन का गौ हुन्याल….Virat Rairtoliya poem उ दिन का गौ हुन्याल कमेटक दवात मादिरक भात रणधुसी...
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