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Uttarakhand: नगरासू गुरुद्वारा विवाद खत्म: चार दिन बाद छत से उतरे निहंग, पंजाब के लिए हुए रवाना

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Rudraprayag Nagarasu Gurudwara Nihang News: नगरासू गुरुद्वारा विवाद का अंत: चार दिन बाद छत से उतरे निहंग, प्रशासन से समझौते के बाद पंजाब रवाना

Rudraprayag Nagarasu Gurudwara Nihang News| Uttarakhand breaking news|
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में पिछले कई दिनों से चर्चा का विषय बने नगरासू गुरुद्वारा गतिरोध का आखिरकार शांतिपूर्ण समाधान निकल आया। गुरुद्वारा दमदमा साहिब की छत और चौथी मंजिल पर डटे चार निहंग सिख प्रशासन और पुलिस के साथ चली लंबी वार्ता के बाद नीचे उतर आए और इसके बाद पंजाब के लिए रवाना हो गए। इस घटनाक्रम के समाप्त होने के साथ ही स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। जानकारी के अनुसार आज मंगलवार पंजाब से पहुंचे निहंग जत्थे ने प्रशासन के साथ बातचीत करने के बाद मौके पर मौजूद निहंगों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके खिलाफ कोई नई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बाद जत्थे की समझाइश पर निहंग नीचे उतरने के लिए तैयार हो गए और उन्हें वापस पंजाब भेज दिया गया। इससे पहले गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार बेअंत सिंह ने भी निहंगों से कई बार नीचे उतरने की अपील की थी और कहा था कि पुलिस परिसर से जा चुकी है, लंगर ग्रहण कर शांतिपूर्वक पंजाब लौट जाएं, लेकिन उस समय निहंग उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? (Chamoli Nihang Clash Case)

पूरा मामला चमोली जिले के कर्णप्रयाग से जुड़ा हुआ है। बीते 16 जून को हेमकुंड साहिब यात्रा पर जा रहे कुछ निहंग सिखों का ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन पार्किंग को लेकर एक स्थानीय होटल संचालक से विवाद हो गया था। शुरुआती कहासुनी कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने पर तलवारें निकल आईं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच हुई भिड़ंत में चार लोग घायल हो गए, जबकि एक निहंग भी चोटिल हुआ। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।

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घटना के बाद तीन घंटे तक जाम (Karnaprayag Highway Protest)

हमले की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। विरोध स्वरूप लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग तीन घंटे तक चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। उधर, घटना के बाद कुछ निहंग मौके से फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। घायल निहंग का उपचार पुलिस निगरानी में कराया जा रहा है।

गुरुद्वारे की छत पर डटे रहे निहंग (Rudraprayag Gurudwara Standoff)

गिरफ्तार किए गए निहंगों की रिहाई की मांग को लेकर बाद में चार अन्य निहंग रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहिब पहुंच गए। उन्होंने गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल और छत पर डेरा डाल लिया तथा अपनी मांगों को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की। निहंगों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो देशभर से बड़ी संख्या में निहंगों को उत्तराखंड बुलाया जाएगा। इस बयान के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी और मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के प्रयास तेज कर दिए गए।

कई दौर की बातचीत के बाद निकला समाधान (Police Administration Talks)

पिछले तीन दिनों से जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए पुलिस, प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच लगातार संवाद चलता रहा। मंगलवार को हुई अहम वार्ता के बाद स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया। प्रशासन ने निहंगों को भरोसा दिलाया कि कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। लंबी बातचीत और समझाइश के बाद चारों निहंग नीचे उतरने पर सहमत हो गए। इसके बाद उन्होंने गुरुद्वारा परिसर खाली किया और पंजाब के लिए रवाना हो गए। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

फिलहाल सामान्य हुए हालात (Uttarakhand Latest News)

चारों निहंगों के नीचे उतरने और रवाना होने के बाद नगरासू तथा आसपास के क्षेत्रों में हालात सामान्य हो गए हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, कर्णप्रयाग में हुई हिंसक घटना से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई अपनी प्रक्रिया के अनुसार जारी है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया कि संवेदनशील मामलों में समय रहते संवाद और संयमित प्रशासनिक हस्तक्षेप कितना महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल गुरुद्वारा गतिरोध समाप्त हो चुका है, लेकिन कर्णप्रयाग हिंसा प्रकरण से जुड़ी जांच और कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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