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Rudraprayag news: अगस्त मुनि महाराज डोली में बाधा बना गेट भक्तों ने तोड़ा 52 लोगों पर गुंडा एक्ट
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Rudraprayag news August Muni Doli : अगस्त्य मुनि महाराज की डोली ने मैदान में बने गेट के कारण भीतर नहीं किया प्रवेश, भक्तो ने तोड़ा गेट तब भीतर गई डोली, 52 लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज..
Rudraprayag news August Muni Doli Devotees broke gol gate, Goonda Act FIR on 52 people uttarakhand latest update : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बीते दो दिनों मे भारी बवाल देखने को मिला है, जिसकी वजह कुछ और नहीं बल्कि 15 वर्षों के बाद भ्रमण पर निकली ऋषि अगस्त्य मुनि महाराज की दीवारा यात्रा है। दरअसल बीते गुरुवार को जब अगस्त्य मुनि महाराज की डोली भ्रमण के लिए बाहर निकली और मैदान स्थित गद्दीस्थल पहुंचने लगी तो गेट के बाहर ही रुक गई जहां से डोली अंदर प्रवेश नहीं कर पाई। इस बात से आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा करते हुए डोली के मार्ग पर बाधा बने गेट को तोड़ दिया।
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बता दें बीते 14 जनवरी मकर संक्रांति पर 15 वर्षों के बाद रुद्रप्रयाग जिले में दीवारा यात्रा पर ऋषि अगस्त्य मुनि महाराज की डोली अपने गद्दीस्थल के लिए निकली। लेकिन अगस्त्य मुनि मैदान सैण स्थित गेट के कारण डोली भीतर प्रवेश नहीं कर पाई जिसके कारण वह वापस लौट गई। डोली के वापस लौटने पर भक्तों ने आरोप लगाया कि यह यात्रा का रास्ता था जहां निर्माण कर दिया गया है और वह प्रशासन से बार-बार गेट तोड़ने की मांग पहले भी कर चुके थे लेकिन जिलाधिकारी की अनदेखी के कारण इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
लोगो ने तोड़ा गेट ( rudrapryag news today)
बीते गुरुवार को फिर से डोली उसी रास्ते से भ्रमण पर निकली लेकिन गेट होने के कारण डोली गद्दीस्थल तक नही पहुँच सकी। प्रशासन की ओर से गेट को न हटाए जाने पर आक्रोशित भक्तों ने स्वयं ही ड्रिल मशीन और हथौड़े से गेट को ध्वस्त करने का फैसला लिया जिसके कारण वह खुद ही गेट पर चढ़कर उसे तोड़ने लगे। लगभग 5 घंटे की मशक्कत के बाद शाम के 4 बजे गोल गेट टूटा और डोली ने अगस्त्यमुनि मैदान की परिक्रमा की और अपने गद्दीस्थल पर विराजमान हुई।
हाईवे पर लगा लंबा जाम ( rudraprayag news today)
बताते चलें एक माह पहले से इस स्थान पर निर्माण कार्य के विरोध में लगातार आंदोलन जारी था। इससे पहले प्रशासन से यहां मैदान के समतलीकरण और गेट तोड़ने की बात कही गई थी लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसके कारण लोगों को इस तरह का अनुचित कदम उठाना पड़ा। यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी बात सुनी होती तो शायद उन्हें इस तरह का कदम नहीं उठाना पड़ता। डोली के हाईवे पर रोकने और गेट तोड़ने की कार्यवाही के कारण अगस्त्य मुनि बाजार में दोपहर 12:30 बजे तक भारी जाम लगा वही केदारनाथ और रुद्रप्रयाग की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी कतारे लगी जहाँ पर एंबुलेंस भी घंटों तक फंसी रही।
त्रिभुवन चौहान समेत 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
डीएम प्रतीक जैन ने अगस्त्य मुनि महाराज की दिवारा यात्रा के दौरान गेट तोड़ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने प्रशासनिक अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करने राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने के साथ ही कुछ रिपेटिटिव ऑफेंडर्स’ के खिलाफ गुंडा एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए है। जिस पर त्रिभुवन चौहान, अनिल बैजवाल, राजेश बैजवाल समेत 52 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 127, धारा 191(2), धारा 61, धारा 285 के साथ लोक संपत्ति को नुकसानी का निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा जिला प्रशासन का कहना है कि कुछ अराजक तत्वों ने धार्मिक परंपरा की आड़ में जानबूझकर अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास किया है इन तत्वों ने क्रीड़ा भवन के मुख्य द्वार को तोड़ दिया जिससे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ है बल्कि नेशनल हाईवे 107 पर 3 से 4 घंटे तक आवागमन बाधित रहा। डीएम ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार की अराजकता हिंसा और अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जानें क्या कहा सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान ने
त्रिभुवन चौहान का कहना है कि वर्ष 2004 में तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष के हस्ताक्षर से मुनि महाराज की भूमि को खेल विभाग को हस्तांतरित किया गया था जिसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है। यह भूमि पिछले 5 दशकों से मुनि महाराज की रही है ऐसे में प्रशासन को अपनी हठधर्मिता छोड़नी होगी अन्यथा इससे बड़ी आपदा की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
