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Uttarakhand school admission age: कक्षा 1 एडमिशन नियम संकट में 4000 बच्चों का भविष्य
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Uttarakhand school admission age: उत्तराखंड में कक्षा-1 एडमिशन नियमों में उलझन, शिक्षा विभाग की दोहरी नीति से अभिभावक परेशान, बदलते नियमों ने बढ़ाई चिंता
Uttarakhand school admission age: Class 1 admission rules put future of 4,000 children in jeopardy RTE NEP 2026 haldwani breaking news today: (Uttarakhand School Admission Age Rule India, Education Policy Confusion) : उत्तराखंड में कक्षा एक में प्रवेश को लेकर शिक्षा विभाग के हालिया फैसलों ने अभिभावकों और निजी स्कूल संचालकों को असमंजस में डाल दिया है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बाद आयु सीमा के मानक में बदलाव ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जहां पहले से हो चुके दाखिलों पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं। शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता की बात तो की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर उलट दिखाई दे रही है।
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Uttarakhand School Admission Policy, NEP Guidelines India— अलग-अलग नियमों से बढ़ा विवाद
प्रदेश में सरकारी और निजी स्कूलों के लिए अलग-अलग आयु मानक लागू होने से विवाद गहरा गया है। जहां सरकारी विद्यालयों में छह वर्ष की आयु 30 जून तक पूरी करने की छूट दी गई है, वहीं निजी स्कूलों के लिए 1 अप्रैल तक छह वर्ष पूरा होना अनिवार्य बताया जा रहा है। इस अंतर ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
(Uttarakhand RTE Admission Rules India, Private School Admission Issue) — हजारों बच्चों के भविष्य पर असर
इस फैसले का सीधा असर कुमाऊं क्षेत्र, खासकर Haldwani के निजी स्कूलों पर पड़ा है। अनुमान है कि 300 से अधिक विद्यालयों में करीब 4000 बच्चों के दाखिले प्रभावित हो सकते हैं। कई अभिभावकों ने विभागीय निर्देशों के आधार पर आवेदन और प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली थी, लेकिन अब नए नियमों ने स्थिति को उलझा दिया है।
(RTE Registration 2026, Education Department Orders India) — पहले जारी आदेश अब बने परेशानी की वजह
समग्र शिक्षा के तहत जारी पूर्व आदेशों में 30 जून तक आयु पूरी करने वाले बच्चों को प्रवेश देने का स्पष्ट उल्लेख किया गया था। इसी आधार पर जिला स्तर पर निर्देश जारी हुए और स्कूलों ने दाखिले भी कर लिए। आरटीई के तहत पंजीकरण प्रक्रिया भी इसी मानक को ध्यान में रखकर पूरी की गई थी। अब अचानक आयु गणना की नई स्पष्टता सामने आने से पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
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(Public School Association India, Education System Transparency) — स्कूल संचालकों ने उठाए सवाल
निजी स्कूल संचालकों ने इसे शिक्षा विभाग की दोहरी नीति करार दिया है। पब्लिक स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि पहले जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही प्रवेश दिए गए, ऐसे में अब छात्रों के भविष्य को लेकर स्पष्टता जरूरी है। उनका मानना है कि एक ही राज्य में अलग-अलग नियम लागू करना शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।
(National Education Policy India, School Admission Age Criteria) — विभाग ने दी सफाई
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कक्षा एक में प्रवेश के लिए छह वर्ष की आयु अनिवार्य है, जिसके लिए 1 अप्रैल की तिथि निर्धारित है। हालांकि, सरकारी स्कूलों में स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए कुछ राहत दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस अंतर को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है, जिसे जल्द स्पष्ट किया जाएगा।
(Education Crisis Uttarakhand, Student Admission Issue) — समाधान की तलाश में अभिभावक
पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा प्रभावित अभिभावक और छात्र हो रहे हैं, जिनके सामने अब भविष्य को लेकर अनिश्चितता खड़ी हो गई है। दाखिले के बाद नियम बदलने से न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ रहा है।
