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Uttarakhand SIR Voter list pri revision to begin on December 23, BLOs to visit door-to-door champawat news today
Image : सांकेतिक फोटो ( Uttarakhand SIR VOTER LIST)

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UTTARAKHAND NEWS देहरादून

Uttarakhand PRI SIR: 23 दिसंबर से होगा वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण घर-घर जाएंगे बीएलओ

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Uttarakhand SIR VOTER LIST  : 23 दिसंबर से होगा पंचायत वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण, 2003 की सूची में घर से नहीं है किसी का नाम तो घबराएं नहीं अब काम होगा आसान..

Uttarakhand SIR Voter list pri revision to begin on December 23, BLOs to visit door-to-door champawat news today : उत्तराखंड में ऐसे कई सारे लोग मौजूद हैं, जिनका पंचायत चुनाव वोटर लिस्ट में नाम नहीं है जिसको लेकर वो असमंजस में है। हालांकि 2003 की सूची में घर से यदि किसी का भी नाम नहीं है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि प्रदेश में चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर शुरू करने की तैयारी कर ली है जो आगामी 23 दिसंबर से शुरू होगा।

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Uttarakhand SIR News Today: आपको जानकारी देते चलें चंपावत की नवगठित नगर पंचायत पाटी और उधम सिंह नगर की गढी नेगी नगर पंचायत की वोटर लिस्ट का 23 दिसंबर से पुनरीक्षण शुरू हो जाएगा। इसके संबंध में राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बीते सोमवार को अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि यह प्रक्रिया 6 जनवरी 2026 तक घर-घर जाकर गणना और सर्वेक्षण करेगी। इसके अलावा 7 जनवरी से 11 जनवरी तक प्राथमिक वोटर लिस्ट तैयार की जाएगी जिसे 6 फरवरी को प्रकाशित किया जाएगा।

18 वर्ष की आयु पूरी करने पर वोटर लिस्ट में नाम होगा दर्ज ( Uttarakhand panchayat voter list)

7 फरवरी से 13 फरवरी वोटर लिस्ट का निरीक्षण और दावे तथा आपत्ति दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद 24 फरवरी को वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन होगा। जबकि 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वालों को वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा।

चुनाव आयोग का पुनरीक्षण SIR शुरू होने से पहले कर लें ये जरूरी काम ( Uttarakhand news update )

बताते चले चुनाव आयोग ने सीईओ उत्तराखंड की वेबसाइट पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची जारी की है। यदि इस सूची में आपका नाम का मिलान नहीं हो रहा है तो आपको 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों में से किसी एक का उपयोग करना पड़ सकता है, जिससे एसआईआर का गणना फॉर्म भरकर बीएलओ को दिया जा सकता है। SIR शुरू होने के बाद वर्तमान मतदाता सूची के आधार पर संबंधित मतदाताओं के पास बीएलओ गणना फॉर्म भरकर पहुॅचायेंगे।

बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर भी फॉर्म मे जारी

इस फॉर्म में बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर भी होगा। इस समय एक बात जो देखने में आ रही है, वह यह है कि वर्ष 2003 के कई मतदाता ऐसा दावा कर रहे हैं कि राज्य गठन से पहले से वे लगातार मतदान करते आ रहे हैं। लेकिन, वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम शामिल नहीं है। ऐसे में उन्हें एसआइआर के समय परेशानी उठानी पड़ सकती है। इस पर निर्वाचन आयोग का दावा है कि इसकी संभावना बेहद कम है। बावजूद इसके यदि ऐसी स्थिति आती भी है तो एसआइआर के दौरान उन्हें नाम दर्ज करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। एसआइआर शुरू होने पर सभी मतदाताओं को एक-एक गणना फार्म दिया जाएगा। जिसमें वे अपनी मौजूदा मतदाता सूची के हिसाब से सारी जानकारी दे सकेंगे ताकि अनंतिम मतदाता सूची में उनका नाम जुड़ सके।

मतदाता सूची देखने के लिए जारी वेबसाइट 

फॉर्म मे आपको वर्ष 2003 के वोट की जानकारी देनी होगी यदि तब आपका वोट नहीं था तो अपने माता-पिता के वोट की जानकारी देनी होगी। अगर उनका भी वोट नहीं होगा और कोई रास्ता नजर नहीं आए तो 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों में से किसी एक का उपयोग करना पड़ सकता है या फिर दिखाना पड़ सकता है। मतदाता सूची आप ceo. uk. gov. in पर देख सकते। SIR के बारे मे अगर आपके मन में कोई सवाल है तो आप चुनाव आयोग के वोटर हेल्पलाइन 1950 पर कॉल कर सकते है।

SIR के लिए ये दस्तावेज अनिवार्य

केंद्र,राज्य सरकार या पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश। 2. एक जुलाई 1987 से पहले सरकार स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी, पीएसयू की ओर से जारी कोई भी पहचान पत्र, प्रमाण पत्र या दस्तावेज। 3. आधार कार्ड। 4. जन्म प्रमाण पत्र। 5. पासपोर्ट। 6. मान्यता प्राप्त बोर्ड या विवि की ओर से जारी मैट्रिकुलेशन या शैक्षिक प्रमाण पत्र। 7. स्थायी निवास प्रमाणपत्र। 8. वन अधिकार प्रमाणपत्र। 9. ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाणपत्र। 10. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर। 11. राज्य या स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर। 12. सरकार की ओर से जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र

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