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Srinagar Garhwal News: श्रीनगर एक ही घर, एक नल… जल संस्थान ने भेज दिए 5 पानी के बिल
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Srinagar Garhwal news: single conection 5 water bill Har Ghar Jal Jeevan Mission in srikot pauri uttarakhand breaking: श्रीनगर गढ़वाल में जल जीवन मिशन के दावों पर उठे सवाल, एक कनेक्शन पर थमाए गए पांच पेयजल बिल
Srinagar Garhwal news: single conection 5 water bill Har Ghar Jal Jeevan Mission in srikot pauri uttarakhand breaking: उत्तराखण्ड के सरकारी विभागों में लापरवाही किस कदर व्याप्त है इसकी बानगी देखते ही बनती है। ताजा मामला केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ‘हर घर नल, घर घर जल’ से जुड़ा हुआ है। जिसके तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कई जगह इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। दरअसल यह पूरा मामला पौड़ी गढ़वाल जिले के नगर निगम श्रीनगर के नकोट क्षेत्र का है जहां एक ही नल होने के बावजूद परिवार के 5 सदस्यों के नाम अलग-अलग 5 बिल भेजे गए हैं। यह वाकया उत्तराखंड जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
अभी तक मिल रही जानकारी के मुताबिक नकोट निवासी गुलाब सिंह के परिवार को उस वक्त असमंजस में डाल दिया, जब जल संस्थान की ओर से एक ही मकान और एक ही नल कनेक्शन के बावजूद परिवार के पांच अलग-अलग सदस्यों के नाम पर पांच पेयजल बिल भेज दिए गए। परिवार का स्पष्ट कहना है कि उनके घर में केवल एक ही पानी का कनेक्शन है, ऐसे में एक साथ पांच बिल मिलना न केवल हैरान करने वाला है, बल्कि मानसिक और आर्थिक दबाव भी पैदा करता है।
मीडिया से बातचीत में गुलाब सिंह बताते हैं कि बिल मिलने के बाद परिवार के सामने यह दुविधा खड़ी हो गई कि आखिर भुगतान किस बिल का किया जाए। मामला सामने आने पर आसपास के लोगों ने भी अपनी परेशानी साझा की। स्थानीय निवासियों के अनुसार यह अकेला उदाहरण नहीं है, बल्कि क्षेत्र के अन्य घरों में भी एक ही कनेक्शन पर एक से अधिक बिल भेजे गए हैं।
लगातार शिकायतों के बाद जल संस्थान को अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी। जल संस्थान पौड़ी के अधिशासी अभियंता प्रवीण सैनी ने बताया कि हाल ही में विभाग की ओर से लगभग 40 हजार नए पेयजल बिल जारी किए गए हैं। इस प्रक्रिया में तकनीकी या डाटा संबंधी त्रुटियों के कारण कुछ परिवारों के नाम पर एक से अधिक बिल जनरेट हो गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन उपभोक्ताओं के पास एक ही कनेक्शन है, वे केवल एक ही बिल का भुगतान करें। विभाग की ओर से त्रुटियों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हालांकि सवाल यह है कि जब योजना का उद्देश्य आम लोगों को सुविधा देना है, तो ऐसी लापरवाहियां जनता के भरोसे को कमजोर क्यों कर रही हैं। नकोट का यह मामला न केवल सिस्टम की खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी बताता है कि योजनाओं की सफलता सिर्फ घोषणाओं से नहीं, बल्कि उनकी ईमानदार और सटीक क्रियान्वयन से तय होती है। अब देखना यह होगा कि जल संस्थान इस गलती से सबक लेकर भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोक पाता है या नहीं।
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