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Uttarakhand traffic challan: Driving license DL registration cancelled after being challaned 5 times.
सांकेतिक फोटो Uttarakhand traffic challan

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UTTARAKHAND NEWS देहरादून

Uttarakhand traffic challan: उत्तराखण्ड 5 बार चालान होने पर ड्राइविंग लाइसेंस रजिस्ट्रेशन निरस्त

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Uttarakhand traffic challan: Driving license DL registration cancelled after being challaned 5 times: उत्तराखंड में सख्त हुए यातायात नियम, एक साल में पांच चालान पर जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस

Uttarakhand traffic challan: Driving license DL registration cancelled after being challaned 5 times: उत्तराखंड के लाखों वाहन चालकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सड़क पर यातायात नियमों का उल्लंघन लापरवाही अब भारी पड़ेगी। राज्य में केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम के संशोधित नियम लागू हो गए हैं, जिनके तहत यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई चालक एक कैलेंडर वर्ष में पांच या उससे अधिक बार चालान का दोषी पाया गया, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकेगा। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह गणना 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच की जाएगी। बार-बार नियम तोड़ने वालों को अब साधारण अपराधी नहीं, बल्कि गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में रखा जाएगा। सरकार का उद्देश्य साफ है—सड़कों पर अनुशासन लाना और बढ़ते हादसों पर अंकुश लगाना।

नए नियमों के तहत, लंबित चालानों वाले वाहनों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। यदि किसी वाहन पर चालान बकाया है और उसका भुगतान नहीं किया गया, तो ऐसे वाहन को जब्त किया जा सकता है। इतना ही नहीं, चालान का निपटान होने तक वाहन का रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस नवीनीकरण या किसी भी तरह का ट्रांसफर रोका जाएगा। ऐसे वाहनों को पोर्टल पर “संव्यवहार न किया जाए” की श्रेणी में डाला जाएगा, जिससे न तो उन्हें बेचा जा सकेगा और न ही स्थानांतरित किया जा सकेगा।

चालान प्रक्रिया को भी समयबद्ध और पारदर्शी बनाया गया है। नियमों के अनुसार, ई-चालान की सूचना तीन दिन के भीतर SMS या ई-मेल के जरिए भेजी जाएगी, जबकि भौतिक चालान 15 दिनों के अंदर जारी किया जाएगा। चालान मिलने के बाद चालक के पास 45 दिनों का समय होगा—या तो भुगतान करने का या फिर पोर्टल के माध्यम से उसे चुनौती देने का। यदि तय समय में कोई कार्रवाई नहीं की जाती, तो चालान स्वतः स्वीकार मान लिया जाएगा और अगले 30 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य होगा।

यदि किसी चालक को लगता है कि चालान गलत कटा है, तो वह दस्तावेज़ी साक्ष्य के साथ ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकता है। अधिकारी द्वारा आपत्ति खारिज किए जाने की स्थिति में चालक के पास न्यायालय जाने का विकल्प खुला रहेगा, हालांकि इसके लिए चालान राशि का 50 प्रतिशत अग्रिम जमा करना जरूरी होगा।
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