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Uttarakhand weather landslide: Badrinath Highway closed due to heavy rains; scientists surprised by snowfall in March
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Uttarakhand weather landslide: भारी बारिश से बद्रीनाथ हाईवे बंद मार्च में बर्फबारी से वैज्ञानिक हैरान

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Uttarakhand weather landslide: Badrinath Highway closed due to heavy rains; scientists surprised by snowfall in March: चमोली में मौसम का कहर: भूस्खलन से बंद हाईवे, दर्जनों गांवों का टूटा संपर्क; मार्च में बर्फबारी ने बढ़ाई चिंता

Uttarakhand weather landslide: Badrinath Highway closed due to heavy rains; scientists surprised by snowfall in March: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद पहाड़ दरकने लगे हैं, जिससे मुख्य मार्ग बंद हो गए और कई गांवों का संपर्क कट गया है। ताज़ा खबर चमोली जिले से है जहां बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भारी भूस्खलन से बाधित हो गया है।

हाईवे ठप, घाटी अलग-थलग

अभी तक मिल रही जानकारी के मुताबिक चमोली जिले के गोविंद घाट के पास पिनोला क्षेत्र में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही पूरी तरह रुक गई है। वहीं नीति-मलारी मार्ग भी स्योन और सालधर के पास भूस्खलन की चपेट में आकर बाधित हो गया है। इन दोनों मार्गों के बंद होने से घाटी के कई गांव सीधे तौर पर तहसील मुख्यालय से कट गए हैं। स्थानीय लोगों के लिए जरूरी सामान और चिकित्सा सेवाएं तक प्रभावित हो रही हैं।

मार्च में बर्फबारी ने बढ़ाई चिंता

इस बार मार्च के तीसरे सप्ताह में हुई बर्फबारी ने मौसम वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया है। पिछले 26 वर्षों में यह चौथी बार है जब मार्च में इस तरह का मौसम देखने को मिला है। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन और लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का परिणाम मान रहे हैं। उनके अनुसार, मौसम के पारंपरिक पैटर्न में तेजी से बदलाव आ रहा है, जिससे सर्दी और गर्मी के बीच का संतुलन बिगड़ रहा है।

वैज्ञानिकों की चेतावनी

हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नमी और ठंडक बनाए रख रहे हैं, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है। इसका असर आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकता है। एक ओर जहां तापमान में गिरावट से मैदानी इलाकों में राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर बर्फ पिघलने से नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। हालांकि, किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।

तापमान में भारी गिरावट

राजधानी देहरादून में दिनभर हुई बारिश के बाद तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया, जबकि पहाड़ी इलाकों में यह गिरावट और ज्यादा रही। मसूरी में सबसे अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई, वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी लगातार बारिश से ठंड का असर फिर लौट आया है।

अभी राहत के आसार नहीं

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।

एक बदलता हुआ संकेत

यह घटनाएं सिर्फ एक मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि बड़े संकेत भी दे रही हैं। पहाड़ों में बदलता मौसम और अनिश्चित पैटर्न… ये सब मिलकर आने वाले समय की गंभीर तस्वीर दिखा रहे हैं।
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