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Uttarakhand news: Dr. Ashwani Kumar Arya of Ladhiaghati champawat became Associate Professor in JNU. Ashwani Arya JNU Professor

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उत्तराखण्ड चम्पावत

उत्तराखण्ड: लधियाघाटी के अश्वनी बने JNU में एसोसिएट प्रोफेसर पहाड़ से की है पढ़ाई

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Ashwani kumar Arya JNU Professor: जेएनयू में एसोसिएट प्रोफेसर बनने वाले लधियाघाटी के पहले व्यक्ति हैं डॉ. अश्वनी, अभूतपूर्व उपलब्धि से बढ़ाया प्रदेश का मान…

राज्य के होनहार वाशिंदे आज अपनी काबिलियत के दम पर सफलता के ऊंचे ऊंचे मुकाम हासिल कर समूचे देश प्रदेश को गौरवान्वित कर रहे हैं। आज हम आपको राज्य के एक और ऐसी ही होनहार शख्सियत से रूबरू कराने जा रहे हैं जिन्होंने प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एसोसिएट प्रोफेसर बनने का मुकाम हासिल किया है। जी हां… हम बात कर रहे हैं मूल रूप से राज्य के चम्पावत जिले के लधियाघाटी क्षेत्र के डॉ. अश्वनी कुमार आर्य की, जो जेएनयू में एसोसिएट प्रोफेसर बन गए हैं। उनकी इस अभूतपूर्व उपलब्धि से जहां उनके परिवार में हर्षोल्लास का माहौल है वहीं उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता भी लगा हुआ है। सबसे खास बात तो यह है कि क्षेत्र से इस पद पर पहुंचने वाले अश्वनी पहले व्यक्ति हैं।
(Ashwani kumar Arya JNU Professor)
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आपको बता दें कि अपनी प्रारम्भिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर पाटी से प्राप्त करने वाले अश्वनी ने राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) लोहाघाट से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत पौड़ी इंजीनियरिंग कालेज से बीई, पंतनगर से एमटेक, आईआईटी रुड़की से पीएचडी की है। इतना ही नहीं उन्हें दक्षिण कोरिया में आईईईई इंटरनेशनल कॉफ्रेंस में बेस्ट पेपर अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने दक्षिण कोरिया के कोरिया इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस टेक्नोलॉजी में दो वर्ष जबकि पंतनगर विवि में ढाई साल तक असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर अपनी सेवाएं दी हैं। जिसके बाद उनका चयन बतौर रिसर्च प्रोफेसर पुनः कोरिया के लिए हो गया, जहां से अब वह जेएनयू में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर चयनित हुए हैं। बताते चलें कि अश्वनी के पिता तिलोक राम आर्य जहां रिटायर्ड प्रधानाचार्य हैं। वहीं उनकी पत्नी निशा देहरादून, द्वाराहाट और पिथौरागढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर अपनी सेवाएं दे चुकी है।
(Ashwani kumar Arya JNU Professor)

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