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Bajarang Setu Rishikesh: ऋषिकेश उद्घाटन से पहले ही बरजंग सेतु का कांच फिर टूटा, फुटपाथ बंद
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Bajrang Setu Rishikesh: Before inauguration glass of Bajarang Setu broke again footpath was closed Infrastructure Safety Concern Glass bridge lakshman jhula rishikesh broken: उद्घाटन से पहले ही सवालों में बजरंग सेतु, फुटपाथ का कांच फिर टूटा
Bajrang Setu Rishikesh: Before inauguration glass of Bajarang Setu broke again footpath was closed उत्तराखण्ड के ऋषिकेश में निर्माणाधीन बजरंग सेतु एक बार फिर अपनी गुणवत्ता को लेकर चर्चा में आ गया है। लक्ष्मण झूला पुल के पास बन रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में फुटपाथ पर लगाया गया पारदर्शी कांच दोबारा क्षतिग्रस्त पाया गया है। कांच में आई दरारों के बाद एहतियातन दोनों ओर से आवाजाही रोक दी गई है, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बार-बार टूट रहा कांच, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल Bajrang setu rishikesh Construction Quality Issue Public Safety Risk India
यह पहली बार नहीं है जब इस पुल के कांच को नुकसान पहुंचा हो। इससे पहले भी दो बार इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कांच बदल दिया गया था। बावजूद इसके बार-बार एक ही समस्या सामने आने से स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों के बीच निर्माण गुणवत्ता को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। लोग इसे लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल से जोड़कर देख रहे हैं।
करीब 69 करोड़ की लागत, फिर भी भरोसे पर सवाल Project Cost and Details Infrastructure Development Uttarakhand
नरेंद्रनगर लोक निर्माण विभाग की देखरेख में साल 2022 से बन रहा यह पुल लगभग 69.20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा है। करीब 132 मीटर लंबा और पांच मीटर चौड़ा यह पुल आधुनिक डिजाइन के साथ तैयार किया जा रहा है, जिसमें दोनों ओर कांच के फुटपाथ बनाए गए हैं। इन फुटपाथों में करीब 65 मिमी मोटाई वाला पारदर्शी कांच लगाया गया है, जो अब बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहा है।
उद्घाटन से पहले ही शुरू हो गई आवाजाही, बढ़ा खतरा Tourist Safety Alert Rishikesh Travel Risk
चौंकाने वाली बात यह है कि पुल का अभी तक औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है, इसके बावजूद यहां स्थानीय लोग और पर्यटक आवाजाही कर रहे हैं। फुटपाथ पर सेल्फी लेने और घूमने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन मौके पर किसी प्रकार की निगरानी या रोकथाम की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी, विभाग की चुप्पी Administrative Negligence Government Project Monitoring rishikesh news today
पुल पर चलने के लिए अभी तक स्पष्ट सुरक्षा मानक तय नहीं किए गए हैं। न ही विभाग की ओर से वहां कोई कर्मचारी तैनात किया गया है, जो लोगों को जोखिम भरे हिस्सों में जाने से रोके। इससे पहले जनवरी 2026 में भी कांच टूटने की घटना सामने आई थी, लेकिन उस समय भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लक्ष्मण झूला बंद होने के बाद बढ़ी उम्मीदें, अब निराशा Historical Context Laxman Jhula rishikesh Closure
गौरतलब है कि 16 अप्रैल 2022 को ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला पुल को उसकी जर्जर स्थिति के चलते अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया था। इसके विकल्प के रूप में बजरंग सेतु को विकसित किया जा रहा है, लेकिन निर्माण में सामने आ रही खामियां लोगों की उम्मीदों को झटका दे रही हैं।
अधिकारियों ने साधी चुप्पी, जांच की बात Official Response Uttarakhand PWD Statement
मामले पर नरेन्द्र नगर लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने फिलहाल जानकारी न होने की बात कही है और जांच कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, लगातार सामने आ रही घटनाएं इस परियोजना की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर सवाल खड़े कर रही हैं।
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