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Manish Thakur Army martyr: सिक्किम भूस्खलन में लांस नायक मनीष ठाकुर शहीद
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Lance Naik Manish thakur : पंचतत्व में विलीन हुआ लांस नायक मनीष ठाकुर का पार्थिव शरीर, सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई, 3 महीने पहले हुई थी शादी...
Martyr Manish thakur sirmour himachal pradesh sikkim army camp landslide : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन उपमंडल के बड़ाबन गांव के निवासी जवान मनीष ठाकुर बीते रविवार को सिक्किम के छत्ते गांव मे ड्यूटी पर तैनात थे इस दौरान वहां पर अचानक से भूस्खलन हो गया जिसकी चपेट में आने से मनीष ठाकुर समेत तीन जवान शहीद हो गए जिनकी शहादत की खबर सुनते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे ही इस घटना की जानकारी शहीद मनीष ठाकुर के परिजनों को मिली तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जानकारी के मुताबिक 15 जनवरी 1998 को जन्मे मनीष वर्ष 2016 में वहप सेना में भर्ती हुए जो इस समय लांस नायक के तौर पर डोगरा यूनिट में सेवाएं दे रहे थे।

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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन उपमंडल के बड़ाबन गांव के निवासी जवान मनीष ठाकुर की शादी 6 मार्च को तनु के साथ हुई थी जिसके बाद 10 अप्रैल को वह फिर से ड्यूटी पर लौटे थे अभी शादी को ठीक से 3 महीने भी नहीं हुए थे कि मनीष की शहादत की खबर ने तनु को गहरा सदमा दे दिया। वहीं बीते बुधवार की दोपहर के करीब 1:00 बलिदानी मनीष का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके गांव पहुंचा इस दौरान हर किसी की आंखें नम थी। जैसे ही उनकी माता किरन बाला और पिता जोगिंद्र सहित मनीष की पत्नी तनु ने मनीष के पार्थिव शरीर को देखा तो वो उनके पार्थिव देह से लिपटकर रोते रहे इस दौरान उनके घर के बाहर सैकड़ो की संख्या में जन सैलाब उमडा गया था वहीं मनीष ठाकुर अमर रहे के जयकारे चारों तरफ गूंज रहे थे।घर पर सभी रीति रिवाज पूरे होने के बाद लांस नायक मनीष ठाकुर की अंतिम यात्रा निकाली गई। इस दौरान उनकी पत्नी तनु लाल जोडा व चूडा पहने उन्हे एक टक निहारते हुए मनीष ठाकुर अमर रहे के जयकारे लगाती हुई रोती रही। इसके बाद कटासन मंदिर के साथ जलमूसा नदी मे स्थित स्वर्गधाम तक जवान के पार्थिव शरीर को पहुंचाया गया जहां पर उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। मनीष के पिता जोगिंद्र व उनके भाई धीरज ने अमर बलिदानी लांस नायक मनीष को मुखाग्नि देकर सेल्यूट करते हुए नम आंखों से विदाई दी।
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