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Pithoragarh news today: बेरीनाग में बेटियों ने पिता की अर्थी को दिया कंधा और मुखाग्नि
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Pithoragarh news today : रूढ़िवाद सोच की बेड़ियो को तोड़ते हुए बेटियों ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि, पिता की अर्थी को दिया कंधा
Pithoragarh news today: Nandan Singh Daughters shouldered their father’s bier and performed the last rites in Berinag uttarakhand latest update :कहते हैं परंपरा और सभ्यता पीढ़ी दर पीढ़ी चलती जाती है, लेकिन कुछ परंपराओं का समय के साथ बदलना बेहद जरूरी होता है ,विशेषकर विषम परिस्थितियों में। ऐसी ही कुछ दुखद व भावुक कर देने वाली खबर पिथौरागढ़ जिले से सामने आ रही है, जहां पर दो बेटियों ने बेटे का फर्ज निभाते हुए अपने पिता की मृत्यु के बाद न सिर्फ उनकी अर्थी को कंधा दिया, बल्कि पिता की चिता को मुखाग्नि देकर रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़कर एक मिसाल पेश की है। इस भावुक दृश्य को देखकर हर किसी की आंखें भर आई।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग के नैनीशतला मोना गांव के निवासी 73 वर्षीय नंदन सिंह दशौनी का बीमारी के कारण बीते सोमवार की देर रात को निधन हो गया था। दरअसल नंदन सिंह का कोई बेटा नहीं है जिसके कारण ग्रामीणों के सामने उनके अंतिम संस्कार को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी।
पिता के निधन की खबर सुनकर बेटियां पहुँची ससुराल से मायके
पिता के निधन की खबर जैसे ही उनकी विवाहित बेटियों हेमा कार्की और नीमा कार्की को मिली तो वो तुरंत अपने मायके पहुंची । इस दौरान दोनों बहनों ने कहा कि उनका भाई नहीं है तो क्या हुआ वह भी बेटे की तरह अपने पिता का अंतिम संस्कार करेंगी।
बेटियों ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि
30 मार्च की सुबह जब नंदन सिंह की शव यात्रा निकली तो दोनों बेटियों ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया। इसके बाद दोनों थल में स्थित राम गंगाघाट पर पहुंची, जहां पर उन्होंने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान दोनों बेटियां बेहद भावुक होती हुई नजर आई जिन्हें देखकर ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई। बताते चले हेमा और नीमा की मां का एक वर्ष पहले ही बीमारी के कारण निधन हो चुका था और अब दोनो बहनो ने अपने पिता को भी खो दिया है।
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