UTTARAKHAND ROAD ACCIDENT हल्द्वानी
Haldwani News Today: हल्द्वानी बेटियों ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि, सिस्टम की लापरवाही से गई जिंदगी
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haldwani news today: सड़क हादसे में गई बुजुर्ग की जिंदगी, बेटियों ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि, क्षेत्र में दौड़ी शोक की लहर
haldwani news today: retired suresh pandey died in scooty accident uttarakhand live: उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक हृदय विदारक घटना की खबर सामने आ रही है, जहां पर अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा खोदे गए गढ्ढे के कारण एक बुजुर्ग की सड़क हादसे में जिंदगी चली गई। घटना के बाद से बुजुर्ग के परिजनों में कोहराम मच गया वहीं बीते सोमवार को बुजुर्ग कि दो बेटियों ने चित्रशीला घाट पर अपने पिता की चिता को मुखाग्नि देकर उनका अंतिम संस्कार किया। इस भावुक दृश्य को देखकर हर किसी की आँखे भर आई।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार नैनीताल जिले के हल्द्वानी के दोनहरिया के शांति नगर भोटियापड़ाव के निवासी 69 वर्षीय सुरेश चंद्र पांडेय कृषि वैज्ञानिक के पद से रिटायर्ड थे। दरअसल बीते रविवार को वो किसी परिचित की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए अपने भाई के साथ रानीबाग गए थे। इस दौरान वापसी में दोनों भाई अलग-अलग वाहनों से घर लौट रहे थे। सुरेश चंद्र के भाई लौटते समय दोनहरिया मे रुक गए थे जबकि सुरेश स्कूटी संख्या uk04L3908 से घर के लिए निकल गए थे। जैसे ही उनकी स्कूटी पनचक्की दोहनरिया मार्ग पर अंबिका विहार कॉलोनी के पास पहुंची तो उन्होंने देखा कि वहां पर दो माह पहले से यूयूएसडीए ने सीवर के लिए गड्ढा खोदा था। गड्ढे के कारण सड़क बेहद संकरी हो चुकी थी और इसी संकरे रास्ते पर कैंटर संख्या up26at2310 गुजरा। वही बाई ओर से सुरेश ने भी स्कूटी निकाली लेकिन कैंटर के अगले पहिये में उनकी स्कूटी फंस गई जबकि पिछला पहिया उनके सिर पर चढ़ गया जिससे मौके पर ही सुरेश की मौत हो गई।
सड़क पर खोदे गए गड्ढे के कारण हुआ हादसा ( haldwani accident news today)
घटना को घटित होता देख आसपास के लोगों ने कैंटर सवार दो लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। इसके बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया। स्थानीय लोगों ने यूयूएसडीए के खिलाफ भारी आक्रोश जताया है। पुलिस प्रशासन का कहना है की घटना स्थल पर बने गड्ढे को भरने की जिम्मेदारी किसकी थी इसका पता लगाया जा रहा है वहीं भारी वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग भी देखा जा रहा है।
बेटियों ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि
बताया जा रहा है कि मृतक बुजुर्ग की दो बेटियां है जिन्होंने बीटेक किया है। इतना ही नही बल्कि उनकी दोनो बेटियां शादी शुदा है जिसमे पहली बेटी अत्तु अपने परिवार के साथ बंगलुरु में और दूसरी बेटी नोएडा में रहती है। बीते सोमवार को सुरेश चंद्र की बेटियां रानीबाग स्थित चित्राशिला घाट पर पहुंची जहां पर दोनों ने अपने पिता के शव को मुखाग्नि दी। सुरेश की मौत के बाद से उनकी पत्नी लता पांडेय गहरे सदमे में है वहीं उनकी दोनो बेटियों की आँखे भी नम है।
