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Uttarakhand: अल्मोड़ा की मंजू नयाल ने कुराश में हासिल किया 3-स्टार इंटरनेशनल रेफरी का दर्जा
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Uttarakhand: Almora Manju Nayal Creates History, Becomes India’s First 3-Star International Kurash Referee: अल्मोड़ा की मंजू नयाल ने रचा स्वर्णिम इतिहास , कुराश में बनी देश की पहली 3 स्टार अंतरराष्ट्रीय रेफरी
Uttarakhand: Almora Manju Nayal Creates History, Becomes India’s First 3-Star International Kurash Referee पहाड़ की बेटियां अपने संघर्ष और मेहनत के बलबूते पर विषम परिस्थितियों को सरल बनाकर आए दिन विशेष उपलब्धियां हासिल कर उत्तराखंड समेत पूरे देश का मान बढ़ा रही हैं। इसी बीच अल्मोड़ा जिले की होनहार बेटी मंजू नयाल कुराश खेल ( पारंपरिक मार्शल आर्ट में भारत की पहली 3 स्टार अंतर्राष्ट्रीय रेफरी बनी हैं, जिन्होंने पूरे देश का मान बढ़ाया है।
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बता दें अल्मोड़ा जिले के हवालबाग विकासखंड के सिलंगिया गांव की रहने वाली मंजू नयाल कुराश खेल में भारत की पहली 3 स्टार अंतर्राष्ट्रीय रेफरी बनी हैं। बताते चले मंजू ने ये उपलब्धि उज्बेकिस्तान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय रेफरी परीक्षा उत्तीर्ण कर हासिल की है। मंजू का बचपन सिलंगिया गांव में बीता। मंजू ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में की जिसके बाद वो अपने पिता बचन सिंह नयाल के साथ दिल्ली आ गई थी। इस दौरान उन्होंने आगे की पढ़ाई के साथ खेलों में अपना करियर बनाया। पढ़ाई के दौरान उनका रुझान जूडो, कुराश की ओर बढा और उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत अनुशासन लगन से इस मुकाम को हासिल किया।
पिछले 22 वर्षों से मंजू कुराश में सक्रिय ( Almora breaking news)
बताते चलें वो पिछले 22 वर्षों से कुराश और खेल शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। मंजू अपने नाम अभी तक कई सारी उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। बताते चलें वर्तमान में मंजू नयाल गुरुकुल द स्कूल, गाजियाबाद में कोआर्डिनेटर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने एम.पी.एड., बी.पी.एड. और पीजीडी (योग शिक्षा) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह उत्तरप्रदेश गाजियाबाद में निवास करती है।
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मंजू अभी तक कई सारी उपलब्धियां कर चुकी हासिल ( Amlora manju nayal news today)
बताते चलें मंजू ने वर्ष 2023 में बी-लाइसेंस कोच बनने के साथ 1-स्टार इंटरनेशनल रेफरी की योग्यता हासिल की।वर्ष 2025 में वो 2-स्टार इंटरनेशनल रेफरी बनीं जबकि वर्ष 2026 में 3-स्टार इंटरनेशनल रेफरी का दर्जा हासिल कर उन्होंने भारत की पहली महिला बनने का गौरव प्राप्त किया।2024 में नोमैड गेम्स (कजाकिस्तान) और चिल्ड्रेन ऑफ एशिया गेम्स (याकुत्स्क, रूस) में अंतरराष्ट्रीय रेफरी रहीं। 2025 में तीसरे एशियन यूथ गेम्स (बहरीन) में रेफरी की जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा उन्होंने अन्य उपलब्धि भी हासिल की हैं।
