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Uttarakhand budget 2026: पहाड़ में हवाई सेवाओं का होगा विस्तार, सफर होगा आसान
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Uttarakhand budget 2026: पहाड़ों में हवाई सेवाओं का होगा विस्तार, राज्य सरकार ने बजट में हवाई कनेक्टिविटी को दी प्राथमिकता
Uttarakhand budget 2026: Air services helicopter heli will be expanded, making travel easier latest news today: उत्तराखंड सरकार ने बजट में इस बार पहाड़ी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए है ,जिसके चलते पहाड़ों में लंबी और कठिन सड़क यात्रा के बीच अब उत्तराखंड में हवाई उड़ान से सफर आसान करने की दिशा में सरकार ने बड़ा दाव लगाया है। राज्य सरकार ने बजट में हवाई सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए कई सारी महत्वपूर्ण घोषणाएं की है जिसमें मुख्य रूप से दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ना और पर्यटन को नई गति देना भी शामिल किया गया है।
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बता दें राज्य के सामरिक महत्व वाले चमोली जिले के गोचर और चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी को भारतीय वायुसेना को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिल चुकी है। जिसके जरिए एयरस्ट्रिप्स का बेहतर उपयोग और रखरखाव सुनिश्चित होगा। सरकार का मानना है कि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उत्तराखंड में हवाई संपर्क अत्यंत महत्वपूर्ण है इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी के माध्यम से राज्य में हवाई यातायात को मजबूत करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
हेलीपोर्ट के निर्माण की प्रकिया पर जोर
बताते चले प्रदेश में देहरादून के सहस्त्रधारा, श्रीनगर, गौचर, चिन्यालीसौड़, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और मुनस्यारी में हेलीपोर्ट का संचालन और विकास किया जा चुका है। इतना ही नहीं बल्कि इन हेलीपोर्ट से पर्वतीय जिलों को तेजी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है जिससे आपातकालीन सेवाओं पर्यटन व स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल सकेगी। इसके अलावा त्रियुगी नारायण मंदिरमसूरी, रामनगर, बागेश्वर और हरिद्वार में नये हेलीपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
52.50 करोड रुपए का प्रविधान
सरकार पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की दिशा में 524 एकड़ भूमि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया को हस्तांतरित कर चुकी है। वही पिथौरागढ़ हवाई अड्डे का सुदृढ़ीकरण कर उसे नागरिक उड्डयन के उपयोग के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया को सौंपा गया है। सरकार फिक्स्ड विंग फ्लाइट्स के तहत देहरादून पंतनगर और पिथौरागढ़ से हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार पर भी काम कर रही है। इस वर्ष नागरिक उड्डयन विभाग के लिए 52.50 करोड रुपए का प्राविधान किया गया है।
इस वर्ष हेलिपोर्ट का काम पूरा करने का लक्ष्य
राज्य में इस योजना के तहत 18 हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। जिसमे 10 हेली व हवाई सेवाएं संचालित की जा रही हैं। त्रियुगीनारायण, जोशीमठ, मसूरी, रामनगर, बागेश्वर व हरिद्वार में हेलीपोर्ट पर काम इसी वर्ष पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। पंतनगर एयरपोर्ट रनवे की लंबाई 1372 मीटर से बढ़ाकर 3000 मीटर करने के लिए राज्य सरकार ने एएआइ को 524.78 एकड़ भूमि वर्ष-2025 में हस्तांतरित कर दी है। अब सरकार क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) के जरिए नैनीसैनी एयरपोर्ट, पिथौरागढ़ से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे नई दिल्ली के लिए नियमित हवाई सेवा शुरू करने पर विचार कर रही है। जबकि पिथौरागढ़ से धारचूला और पिथौरागढ़ से मुनस्यारी के लिए हेली सेवा आरंभ की जा चुकी हैं।
दून-नागपुर सीधी हवाई सेवा, शुरू होगी अंतरराष्ट्रीय उड़ान
सरकार देहरादून से हल्द्वानी, देहरादून से पंतनगर और देहरादून से नागपुर के लिए भी सीधी हवाई सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है। जिसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से आग्रह भी किया है। वहीं दूसरी ओर इसी साल काठमांडू और दुबई की उड़ान के साथ दून से पहली अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। बताते चलें हवाई अड्डे का टर्मिनल अंतरराष्ट्रीय स्तर का है जिसमे रनवे के लिए करीब 87 हेक्टेयर वन भूमि का अधिग्रहण तेज गति से चल रहा है। नाइट लैंडिंग के लिए 1.9 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।
