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Uttarakhand Dadi Nani yojana: उत्तराखण्ड असहाय वृद्ध महिलाओं के लिए दादी नानी योजना
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Uttarakhand Dadi Nani yojana: scheme start for old age poor women empowerment: उत्तराखंड में बुजुर्ग महिलाओं के लिए आएगी ‘दादी-नानी योजना’, सरकार ले रही सुझाव
Uttarakhand Dadi Nani yojana: scheme start for old age poor women empowerment: देवभूमि उत्तराखंड में जल्द ही बुजुर्ग महिलाओं के लिए एक नई पहल शुरू हो सकती है। राज्य सरकार 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए ‘दादी-नानी योजना’ लाने की तैयारी कर रही है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग इस योजना का प्रारूप तैयार करने से पहले वृद्ध महिलाओं के अनुभव और सुझाव जुटा रहा है, ताकि उनकी वास्तविक जरूरतों के आधार पर प्रभावी नीति बनाई जा सके।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के निर्देश पर विभागीय टीमें विभिन्न जिलों में सक्रिय हो गई हैं। अधिकारी वृद्धाश्रमों, सामाजिक संस्थाओं और घरों में रह रही वरिष्ठ महिलाओं से मिलकर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं। इन सुझावों को संकलित कर योजना का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि आगामी वित्तीय वर्ष से इस योजना को लागू कर दिया जाए।
दरअसल उत्तराखंड के गठन से लेकर विकास की यात्रा तक महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य में पहले भी महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है, पंचायतों में 50 प्रतिशत और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।
हालांकि अब तक वृद्ध महिलाओं के लिए वृद्धावस्था पेंशन के अलावा कोई व्यापक योजना उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में सरकार ने महसूस किया कि बढ़ती उम्र में अकेलेपन, स्वास्थ्य और आर्थिक जरूरतों से जूझ रही महिलाओं के लिए अलग से नीति बनाई जानी चाहिए। इसी सोच के साथ ‘दादी-नानी योजना’ की दिशा में काम शुरू किया गया है।
सर्वेक्षण के दौरान कई अहम पहलू सामने आए हैं। कई वृद्ध महिलाओं ने बताया कि उन्हें पेंशन तो मिल जाती है, लेकिन डिजिटल जानकारी की कमी के कारण बैंक से पैसे निकालने में परेशानी होती है। कई महिलाएं अकेले रहती हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी मुश्किल हो जाती है। कुछ ने सामाजिक सहारे और नियमित स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाओं की जरूरत भी जताई है। विभाग इन सभी सुझावों का अध्ययन कर रहा है। साथ ही इस पर भी विचार चल रहा है कि अलग-अलग योजनाओं को एक मंच पर लाकर बुजुर्ग महिलाओं को अधिक प्रभावी लाभ दिया जाए।
मंत्री रेखा आर्या का कहना है कि राज्य में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को जीवन के इस पड़ाव पर बेहतर सहारा मिलना चाहिए। उनके अनुभवों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसी योजना बनाई जाएगी जो पेंशन से आगे बढ़कर उनके सामाजिक, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा के पहलुओं को भी मजबूत करे। यदि यह पहल साकार होती है तो उत्तराखंड में हजारों बुजुर्ग महिलाओं को न केवल आर्थिक सहारा मिलेगा, बल्कि उनके जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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