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Uttarakhand forest guard bharti 2026: उत्तराखण्ड में फारेस्ट गार्ड के 1000 पदों पर जल्द होगी भर्ती
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Uttarakhand forest guard bharti 2026: Uttarakhand monsoon session 2026 uttarakhand forest fire 2026 CM pushkar Dhami uttarakhand forest guard bharti वनाग्नि से मानसून तक अलर्ट मोड में सरकार, सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 1000 फारेस्ट गार्ड की होगी नई भर्ती
Uttarakhand forest guard bharti 2026: for 1000 post vacancy CM Dhami forest fire monsoon 2026 meeting uttarakhand breaking news today: उत्तराखंड के लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है उत्तराखण्ड वन विभाग में जल्द ही फारेस्ट गार्ड के 1000 पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में दी। आपको बता दें कि इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसून तैयारियों को लेकर अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जंगलों में आग लगाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और आग लगने की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत एवं नियंत्रण कार्य शुरू करें।
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पूरे प्रदेश में लागू होगा शीतलखेत मॉडल, वन विभाग को मिलेंगे 1000 नए फारेस्ट गार्ड (uttarakhand Forest Fire Control uttarakhand forest guard vacancy 2026)
मुख्यमंत्री ने वन विभाग को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में वनाग्नि रोकने के लिए शीतलखेत मॉडल को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि जंगलों में फायर लाइन के आसपास छोटी-छोटी तलैया बनाई जाएं ताकि आग लगने की स्थिति में तुरंत पानी उपलब्ध हो सके. इसके साथ ही आग बुझाने में जुटे कर्मचारियों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने वन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की बात भी कही।
पेयजल और बिजली व्यवस्था पर जोर (uttarakhand Water Supply Management)
भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश में पेयजल व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी पानी की लाइनें खराब हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। तीर्थ और पर्यटन स्थलों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए ऊर्जा विभाग को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
मानसून से पहले संवेदनशील क्षेत्रों पर फोकस (uttarakhand Monsoon 2026 Preparedness)
बैठक में आगामी मानसून सीजन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभारी सचिवों को जिलों का दौरा कर तैयारियों का निरीक्षण करने को कहा ताकि बारिश शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी की जा सकें।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आपदा संभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव संसाधनों को पहले से तैयार रखा जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।
अस्पतालों का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट (uttarakhand Health Services)
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसरों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। हाल के दिनों में देहरादून के अस्पताल में हुई आग की घटनाओं को देखते हुए सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतना चाहती है।
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चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता (uttyChar Dham Yatra 2026)
चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य जांच में अस्वस्थ पाए जाने वाले यात्रियों को यात्रा के जोखिमों के बारे में समझाया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें यात्रा स्थगित करने की सलाह दी जाए. सरकार का फोकस इस बार यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल, ट्रैफिक प्रबंधन और आपदा सुरक्षा को मजबूत करने पर भी बना हुआ है।
जिम्मेदारी तय करने के संकेत (pushkar Dhami CM uttarakhand Government Action)
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री का रुख काफी सख्त नजर आया। उन्होंने साफ किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें। प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी, जंगलों में आग और मानसून की संभावित चुनौतियों को देखते हुए सरकार अब तैयारी के मोड में दिखाई दे रही है, ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
