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Uttarakhand gas cylinder rule: बदले नियम, अतिरिक्त सिलेंडर के लिए आवेदन जरूरी पूछे जाएंगे ये सवाल
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Uttarakhand gas cylinder rule: Rules changed, these questions will be asked while applying for additional cylinder: सिलिंडर कोटा खत्म हुआ तो नहीं मिलेगी तुरंत गैस: अतिरिक्त कनेक्शन के लिए देनी होगी वजह, नई प्रक्रिया लागू
Uttarakhand gas cylinder rule: Rules changed, these questions will be asked while applying for additional cylinder: उत्तराखण्ड में बढ़ती रसोई गैस की किल्लतों के बीच अब पहले से जारी नियम और सख्त होते नजर आ रहे हैं। सरकार ने जहां गैस बुकिंग की अवधि को पहले ही बढ़ा दिया है वहीं अब घरेलू उपभोक्ताओं को तय सीमा से अधिक सिलिंडर लेने के लिए भी लोगों सीधे आवेदन करना होगा इतना ही नहीं इसके पीछे ठोस कारण भी बताना जरूरी होगा। इसके लिए उन्हें कुछ सवालों के जबाव भी देने होंगे।
साल में तय संख्या से ज्यादा नहीं मिलेगा सिलिंडर
आपको बता दें कि तेल कंपनियों की व्यवस्था के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को एक वित्तीय वर्ष में सीमित संख्या में ही गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जाते हैं। सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या 12 तय है, जबकि बिना सब्सिडी के भी 15 सिलेंडर तक ही प्रति कनेक्शन आपूर्ति की जाती है। इस सीमा के बाद सिलिंडर लेने की प्रक्रिया अब पहले जैसी आसान नहीं रही।
अतिरिक्त सिलिंडर के लिए आवेदन जरूरी
यदि कोई उपभोक्ता अपना वार्षिक कोटा पूरा कर लेता है, तो उसे गैस एजेंसी जाकर एक निर्धारित फॉर्म भरना होगा। इस आवेदन में यह स्पष्ट करना होगा कि अतिरिक्त सिलिंडर की आवश्यकता क्यों है। एजेंसी इस आवेदन को सीधे मंजूरी नहीं देती, बल्कि इसे संबंधित कंपनी के पास भेजा जाता है। अंतिम निर्णय कंपनी की जांच और संतुष्टि के बाद ही लिया जाता है।
किन बातों का देना होगा जवाब
आवेदन प्रक्रिया में उपभोक्ता से कई महत्वपूर्ण जानकारी मांगी जाती है—
परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या
घर में नियमित आने वाले मेहमानों का विवरण
किसी आयोजन जैसे शादी या भंडारे की जानकारी
अतिरिक्त सिलिंडर की आवश्यकता का कारण
इन बिंदुओं के आधार पर तय किया जाता है कि अतिरिक्त आपूर्ति दी जाए या नहीं।
जांच के बाद ही मिलेगा अनुमोदन
गैस एजेंसियों का कहना है कि हर आवेदन को गंभीरता से जांचा जाता है। बिना उचित कारण के अतिरिक्त सिलिंडर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, ताकि आपूर्ति प्रणाली संतुलित बनी रहे और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को प्राथमिकता मिल सके।
बदलते नियम, बढ़ती सख्ती
बढ़ती गैस सिलेंडर की किल्लतों के बीच यह व्यवस्था संकेत देती है कि गैस वितरण को लेकर निगरानी और नियंत्रण पहले से अधिक कड़ा किया जा रहा है। अब उपभोक्ताओं के लिए यह समझना जरूरी है कि सिलिंडर केवल जरूरत के हिसाब से ही मिलेगा, सुविधा के आधार पर नहीं।
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