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Uttarakhand government Permission granted for Tehri Lake boating

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उत्तराखण्ड टिहरी गढ़वाल

उत्तराखंड प्रशासन की ओर से टिहरी झील में बोटिंग शुरू करने की मिली अनुमति, अब बढ़ने लगे पर्यटक

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uttarakhand: सरकार की अनुमति मिलने के बाद टिहरी झील में शूरू हुई बोटिंग (Tehri Lake Boating), लगातार बढ़ रही है सैलानियों की चहलकदमी..

राज्य (Uttarakhand) की सबसे बड़ी झील ‘टिहरी झील’ मे फिर से रोमांच का सफ़र शुरु हो गया है, अनलॉक-4 की गाइडलाइन के अनुसार ज़िला प्रशासन द्वारा झील मे सशर्त बोटिग (Tehri Lake Boating) शुरु करने की मंज़ूरी देने के बाद झील में सैलानियों की चहलकदमी तेजी से बढ़ने लगी है। बता दें कि कोरोना वाइरस के कारण 17 मार्च से ही झील मे बोटों का संचालन बंद था, बोटिग नहीं होने से कई बोट यूनियनो का रोज़गार पूरी तरह ठप हो चुका है हालाँकि 12 जुलाई को एक दिन के लिए बोटो का संचालन हुआ था लेकिन इसके तुरंत बाद बोट यूनियन ने लाइसेंस शुल्क 60 हजार माफ करने के साथ ही आगामी 1 वर्ष का शुल्क भी माफ करने की मांगों को लेकर बोटो का संचालन बंद कर दिया था। अब प्रशासन द्वारा बीते मंगलवार से झील मे बोटिग करने की मंज़ूरी दे दी गई है, जिससे वहा आने वाले सैलानी बोटिग का लुफ़्त उठा सकेंगें। बताते चलें कि टिहरी झील मे 99 बोटों का संचालन होता है जिसमें स्पीड बोट, पॉवर बोट, ज़ेड अटैक, ज़ेड स्की, डॉल्फ़िन राइड, हाटडॉग, फ़्लाई , वॉटर स्कुटर के अलावा झील मे पैरासिलिंग जैसी जलक्रीडा भी होती है। फ़िलहाल ज़िला प्रशासन द्वारा झील मे केवल स्पीड तथा सामान्य बोटो का ही संचालन करने का निर्णय लिया गया है।
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बोटिंग से पहले की जा रही है सैलानियों की थर्मल स्क्रीनिंग, सामाजिक दूरी का भी रखा जा रहा है पूरा ध्यान:-

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन के द्वारा 42 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैली टिहरी झील में बोटिंग की अनुमति मिलने के बाद 187 दिन से वीरान पड़ी टिहरी मंगलवार से फिर गुलज़ार हो गई है। बुधवार को लगभग 70 सैलानियों ने बोटिंग का लुत्फ उठाया। टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण के एसईओ पीआर चौहान ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेशानुसार बोट संचालकों द्वारा बोटिंग से पहले प्रत्येक व्यक्ति की बोटिग स्थल से लगभग 100 मी की दूरी पर आवश्यक रूप से थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। जिला प्रशासन की गाइडलाइंस के अनुसार बोटिंग के दौरान जहां पर्यटकों, बोट संचालकों और हेल्परो को अनिवार्य रूप से मास्क पहनना होगा वहीं नांव में सामाजिक दूरी के साथ ही बोटिग क्षमता के 50 फ़ीसदी सीटों पर ही पर्यटकों को बैठाने की अनुमति होगी। इस संदर्भ में श्री गंगा-भागीरथी बोट यूनियन के अध्यक्ष लखवीर चौहान का कहना है कि अभी झील में सिर्फ़ स्पीड तथा सामान्य बोटों का ही संचालन हो रहा है तथा किराये मे भी कोई इज़ाफ़ा नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि स्पीड बोट का 500 रूपये तथा सामान्य बोट का किराया 300 रुपये रखा गया है।

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