UTTARAKHAND NEWS हरिद्वार
Uttarakhand news: परिजनों ने जिस बेटे को सोचा मृत वह जिंदा लौट आया 8 दिन बाद….
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Haridwar news live today : कर्ज में डूबे युवक ने खुद ही रच डाली खुद के किडनैपिंग की साजिश, परिवार में छाया रहा युवक की मौत का मातम, 8 दिन बाद जिंदा लौटा युवक, परिजनों के उड़े होश… Haridwar news live today : उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है जहां पर युवक की मौत के बाद से उसके परिजन दिन-रात उसे याद करते हुए रोते रहे वहीं युवक की पत्नी भी अपने पति की मौत पर बेसुध हो गई। हालांकि उस समय परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई जब उन्होंने काफी दिन बाद युवक को जिंदा देखा । इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार जिले के निवासी अजीत कश्यप पुत्र राकेश कुमार कश्यप रानीपुर मोड़ पर भगत जी चाट भंडार के नाम से दुकान चलाते हैं जो बीते एक अप्रैल को अपनी दुकान से घर के लिए निकले थे लेकिन वह घर नहीं पहुंचे। जिसके चलते उनके चिंतित परिजनों ने उन्हें काफी खोजा मगर उनका कुछ पता नहीं चला जिसके तहत अजीत के परिजन मान चुके थे कि अजीत की मौत हो गई है जिसके बाद से अजीत के परिजन गहरे सदमे में चले गए वहीं अजीत की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। हालांकि बीते 1 अप्रैल को उत्तरप्रदेश के सहारनपुर निवासी रवि कश्यप ने अपने दामाद अजीत कश्यप की गुमशुदगी शहर में दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने युवक की गुमशुदगी दर्ज कर युवक को खोजने के लिए विभिन्न टीमें तैयार की जिसमें पांच टीमें और एक टीम सादे वस्त्रों में गठित की गई जबकि युवक को खोजने के लिए शहर के अलावा ऋषिकेश तक 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। तभी इस दौरान पुलिस को सीसीटीवी में गुमशुदा अजीत का अपनी गाड़ी को रुड़की में खड़ा कर बस से ऋषिकेश जाने की फुटेज बरामद हुई इसके बाद पुलिस की एक टीम ऋषिकेश रवाना हुई जहां से युवक को सकुशल बरामद किया गया।
कर्ज मे डूबे युवक ने इस तरह रची अपहरण की साजिश
जब पुलिस ने युवक से पूछताछ की तो अजीत ने बताया कि उसने देवबंद के कुछ लोगों के पैसे देने थे जिसके चलते उसने खुद अपने अपहरण की झूठी साजिश रची और योजना के तहत रुड़की कोर कॉलेज के पास खाली प्लॉट में अपनी बाइक खड़ी कर अपने दोस्त को फोन कर कुछ लोगों द्वारा उसके पीछे पड़े होने की बात कहकर फोन से सिम निकाल कर फेंक दिया। इतना ही नहीं बल्कि इसके बाद अजीत ऋषिकेश पहुंचा और उसने खुद नींद की गोली खाकर खुद को जहरखुरानी गिरोह का शिकार होने का पूरा षड्यंत्र रचा हालांकि अजीत का यह षड्यंत्र काफी दिनों तक नहीं चल सका क्योंकि पुलिस द्वारा अजीत के झूठे नाटक का पर्दाफाश करते हुए अजीत के पास से हरिद्वार से ऋषिकेश जाने की बस का टिकट बरामद हुआ जिसके तहत आरोपी युवक के खिलाफ 83 पुलिस एक्ट में कार्यवाही की गई है। वहीं युवक को 8 दिन बाद जिंदा पाकर उसके परिजनों के होश उड़ गए।
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