UTTARAKHAND NEWS ऊधमसिंह नगर
Kichha Gram pradhan news: किच्छा प्रधान पति ने कर दिया खेला, ठिकाने लगाए सरकारी खाते से 10 लाख
1 min read
Uttarakhand kichha Gram pradhan news: village head husband misuse govt fund from DSC in darau corruption breaking news: किच्छा के ग्राम दरऊ में सरकारी धन निकासी पर विवाद, जेल में बंद प्रधान की डीएससी से लाखों रुपये निकाले जाने के आरोप
Uttarakhand kichha Gram pradhan news: village head husband misuse govt fund from DSC in darau corruption breaking news: उत्तराखण्ड में सरकारी पैसे को किस कदर ठिकाने लगाया जाता है इसकी बानगी उधम सिंह नगर जिले से आ रही इस हैरतअंगेज मामले से आसानी से लगाया जा सकता है जहां किच्छा तहसील क्षेत्र के ग्राम दरऊ में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है, बताया गया है कि ग्राम प्रधान के जेल में होने के बावजूद उनके डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (डीएससी) के जरिए सरकारी खाते से लाखों रुपये निकाले जाने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आते ही जहां राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है वहीं पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी व्यवस्था को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा हो गया है।
चुनाव जीतने के बाद बढ़ा विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार जुलाई 2025 में हुए पंचायत चुनाव में ग्राम दरऊ से नाज़िया बी ग्राम प्रधान चुनी गई थीं। बताया जा रहा है कि चुनाव के समय कोटद्वार में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर विवाद भी सामने आया था। बाद में पुलिस कार्रवाई के तहत 13 दिसंबर को उन्हें गिरफ्तार किया गया और तब से वे पौड़ी जेल में निरुद्ध हैं।
डीएससी सक्रिय रहने पर उठे सवाल
विवाद की असली वजह तब बनी जब यह आरोप सामने आया कि जेल में बंद रहने के बावजूद प्रधान की डिजिटल सिग्नेचर आईडी सक्रिय रही। किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने प्रेसवार्ता कर दावा किया कि प्रधान की ओर से पैर में फ्रैक्चर का हवाला देते हुए उनके पति अब्दुल गफ्फार को प्रतिनिधि बनाए जाने का पत्र जारी किया गया। आरोप है कि इसी आधार पर सरकारी खाते से लगभग 10 लाख 39 हजार रुपये की निकासी की गई।

विधायक ने कहा कि नियमानुसार प्रधान के जेल जाने के बाद डीएससी को तत्काल फ्रीज किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे सरकारी धन के लेन-देन की गुंजाइश बनी रही। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए तीन दिन के भीतर कार्रवाई न होने पर डीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामला तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। मुख्य विकास अधिकारी देवेश शासनी ने बताया कि पंचायती राज विभाग को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पंचायत व्यवस्था पर गहरे सवाल
इस प्रकरण ने पंचायत स्तर पर डिजिटल सुरक्षा और वित्तीय निगरानी की व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि प्रधान जेल में थीं, तो उनकी डिजिटल पहचान सक्रिय कैसे रही? क्या यह तकनीकी लापरवाही थी या सिस्टम के भीतर किसी स्तर पर चूक? इन सवालों के जवाब अब जांच रिपोर्ट से ही सामने आएंगे। फिलहाल गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक इस मामले की चर्चा तेज है। एक ओर प्रशासन जांच की बात कर रहा है, वहीं राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद सच क्या सामने आता है और क्या जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई हो पाती है या नहीं।
यह भी पढ़ें- Uttarkashi ration card news: उत्तरकाशी अपात्र लोग 9 मार्च तक सरेंडर करें राशन कार्ड
👉👉उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP CHANNEL को Follow कीजिए on
👉👉TWITTER पर जुडिए।
