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Uttarakhand Madrasa News: Children being brought from other states made radical investigation in 4 district breaking news today
Image : सांकेतिक फोटो ( Uttarakhand Madrasa News)

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Uttarakhand madrasa news: उत्तराखण्ड बाहरी राज्यों से बच्चे लाकर मदरसों में बनाया जा रहा कट्टर

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Uttarakhand Madrasa News:    Madrasa Regulation Uttarakhand | प्रदेश में 452 पंजीकृत मदरसे, फिर भी जांच के घेरे में व्यवस्था

Uttarakhand Madrasa News: Children being brought from other states made radical investigation in 4 district breaking news today: उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया गया है। प्रदेश में वर्तमान में 452 पंजीकृत मदरसे संचालित होने के बावजूद अपंजीकृत संस्थानों और बाहरी बच्चों की मौजूदगी को लेकर उठे सवालों ने शासन को व्यापक जांच के लिए मजबूर कर दिया है। यह कारवाई सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर की गई है जिसमें दूसरे राज्यों से बच्चों को लाकर मदरसों में दाखिला देने, कट्टरपंथी सिखाने के आरोप लगाए गए हैं।

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Dehradun Madrasa Investigation | सवा साल पुरानी फाइलें खुलीं, 35 मदरसे अब भी सवालों में

देहरादून जिले में जनवरी 2025 की जांच रिपोर्ट ने जिस स्थिति को उजागर किया था, अब उसी पर दोबारा कार्रवाई शुरू हो गई है। उस समय 90 मदरसों में से 35 बिना पंजीकरण के संचालित पाए गए थे, जहां तीन हजार से अधिक छात्र अध्ययनरत थे। यह तथ्य अब भी प्रशासन के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।

Government Crackdown News | मुख्यमंत्री के निर्देश पर फिर तेज हुआ सत्यापन अभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने सभी उपजिलाधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें मदरसों के पंजीकरण, छात्र संख्या, शिक्षकों की उपलब्धता और मूलभूत सुविधाओं का आकलन शामिल किया गया है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। देहरादून समेत चार जिलों के सभी मदरसों के जांच के आदेश दिए गए हैं।बच्चों के आगमन के स्रोत, उनके अभिभावकों की सहमति और उन्हें लाने वाले व्यक्तियों के संबंध में गहन जांच की जाएगी।

सरकार ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के सभी मदरसों के जांच के आदेश दिए हैं। सरकार के संज्ञान में आया है कि बाहरी राज्यों के बच्चों को राज्य के मदरसों में लाया जा रहा है । बच्चों के आगमन के स्रोत, उनके अभिभावकों की सहमति और उन्हें लाने वाले व्यक्तियों के संबंध में गहन जांच की जाएगी।

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Illegal Madrasa Data | विकासनगर में सबसे अधिक अपंजीकृत संस्थान

तहसीलवार आंकड़ों में विकासनगर क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 60 में से 18 मदरसे बिना पंजीकरण संचालित मिले। देहरादून सदर, डोईवाला और कालसी में भी कई संस्थानों की स्थिति नियमों के अनुरूप नहीं पाई गई। छात्र संख्या के आधार पर भी विकासनगर सबसे आगे रहा, जहां छह हजार से अधिक विद्यार्थी दर्ज किए गए।

Uttarakhand Madrasa Facilities Issue | संसाधनों की कमी और निगरानी की चुनौती

जांच में कई मदरसों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव सामने आया है। शैक्षणिक संसाधनों, खेल सामग्री और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की कमी ने शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। कुछ आवासीय मदरसों में बाहरी राज्यों के छात्रों के रहने की पुष्टि ने भी जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

External Students Verification | चार जिलों में विशेष जांच, हर पहलू पर नजर

शासन ने देहरादून के साथ-साथ हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल में व्यापक सत्यापन के आदेश दिए हैं। जांच में बच्चों के आगमन के स्रोत, अभिभावकों की सहमति और दाखिले की प्रक्रिया की पड़ताल की जाएगी। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

Uttarakhand New Education Policy Impact | 1 जुलाई 2026 से बदलेगी पूरी व्यवस्था

राज्य में लागू किए गए नए अल्पसंख्यक शिक्षा कानून के तहत 1 जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इसके बाद सभी मदरसों को नई व्यवस्था के तहत विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी होगी और उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता अनिवार्य होगी।

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Uttarakhand Strict Action Warning | अनियमितता पर सख्त कार्रवाई के संकेत

सरकार ने साफ कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा, पारदर्शिता और शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि जांच में किसी भी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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