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Uttarakhand News: Kashipur E-Rickshaw Drivers Allege BMS Hacking Through Mobile App
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Uttarakhand news: काशीपुर में चलते ई-रिक्शा अचानक बंद, मोबाइल ऐप से BMS हैकिंग आरोप

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|Uttarakhand: E-Rickshaw Drivers Allege BMS Hacking Through Mobile App, Protest Over Extortion Claims|
उत्तराखंड: ई-रिक्शा हैकिंग के आरोपों से मचा हड़कंप, मोबाइल ऐप से वाहन बंद कर अवैध वसूली का दावा

|Uttarakhand Kashipur E-Rickshaw Drivers Allege BMS Hacking Through Mobile App, Protest Over Extortion Claims|
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर से ई-रिक्शा चालकों से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चालकों ने आरोप लगाया है कि कुछ शरारती तत्व ब्लूटूथ आधारित मोबाइल ऐप की मदद से ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) को हैक कर चलते वाहन की बिजली आपूर्ति बंद कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे ई-रिक्शा अचानक बीच सड़क पर रुक जाते हैं, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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बीच सड़क पर अचानक बंद हो रहे ई-रिक्शा (E-Rickshaw Hacking)

ई-रिक्शा चालकों के मुताबिक, चलते समय अचानक वाहन की मोटर और हेडलाइट बंद हो जाती है, जिससे ई-रिक्शा सड़क के बीचों-बीच रुक जाते हैं। ऐसे में पीछे से आ रहे बस, ट्रक या अन्य तेज रफ्तार वाहनों से गंभीर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार चालकों को मजबूर होकर यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतारना पड़ा है।

बीएमएस सिस्टम हैक करने का आरोप (Battery Management System)

चालकों का आरोप है कि कुछ लोग ब्लूटूथ आधारित मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) से जुड़कर बिजली आपूर्ति बंद कर देते हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा के लिए उन्होंने बीएमएस का पासवर्ड भी बदल दिया है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग सिस्टम को रीसेट या बायपास कर वाहन बंद करने में सफल हो रहे हैं।

रामनगर में चालकों का प्रदर्शन (Ramnagar Protest)

इसी मुद्दे को लेकर नैनीताल जिले के रामनगर में गुरुवार को करीब 300 ई-रिक्शा चालकों ने विरोध प्रदर्शन किया। सभी चालकों ने अपने ई-रिक्शा नार्मल स्कूल जीआईसी ग्राउंड में खड़े कर विरोध जताया और बाद में उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान के कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक विशेष ‘BAT’ मोबाइल ऐप के माध्यम से उनके ई-रिक्शा कहीं भी अचानक बंद कर दिए जाते हैं।

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वाहन चालू करने के बदले पैसे मांगने का आरोप (Illegal Extortion)

चालकों ने आरोप लगाया कि वाहन बंद होने के बाद कुछ लोग उनसे संपर्क कर पैसे देने के बदले ई-रिक्शा दोबारा चालू कराने की बात करते हैं। उनका दावा है कि यह सुनियोजित तरीके से की जा रही अवैध वसूली का मामला है। उनका कहना है कि कई बार वाहन सुनसान या जंगल वाले रास्तों में बंद हो जाते हैं, जिससे चालक और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। मरीज, बुजुर्ग और बच्चों के वाहन में होने पर स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

जांच और कार्रवाई की मांग (Police Investigation)

ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि इस पूरे मामले की शिकायत पहले भी पुलिस से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा ई-रिक्शा की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने तक ई-रिक्शा हैकिंग के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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