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Good news: जागेश्वर धाम में बनेगा कुमाऊं का सबसे बड़ा योग रिट्रीट सेंटर ध्यान केंद्र
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Jageshwar Dham meditation centre : जागेश्वर धाम बनने जा रहा कुमाऊं का सबसे बड़ा योग रिट्रीट सेंटर, 10 नाली भूमि पर बनेगा सेंटर, 1,000 से अधिक लोग सकेंगे योग, ऐरावत गुफा को भी बनाया जाएगा साधन का केंद्र…
jageshwar dham yoga retreat meditation center almora : उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु मन में आस्था भक्ति लेकर पूजा पाठ करने के लिए पहुंचते हैं। इतना ही नहीं बल्कि जागेश्वर धाम देवदार के घने जंगलों के बीच स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है जिसके प्रति लोगों का अटूट विश्वास है । इसी बीच पर्यटन से आय बढ़ाने के लिए अब जागेश्वर धाम में योग रिट्रीट सेंटर बनाए जाने की कवायद चल रही है इसके बनने से यहां पर पर्यटक एक से दो दिन तक रह सकेंगे जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार कुमाऊं मंडल के जागेश्वर धाम में सबसे बड़ा योग रिट्रीट केंद्र बनने की तैयारी चल रही है जिसके लिए 10 नाली से अधिक भूमि पर योग रिट्रीट सेंटर को बनाया जाएगा इसके अलावा ऐरावत गुफा को भी साधना केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां पर योग रिट्रीट सेंटर में एक समय मे एक हजार से अधिक लोग योग कर सकेंगे। इसके साथ ही विशेषज्ञ योग की विभिन्न विधाओं को यहां पर प्रदर्शित भी करेंगे। प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद आदि के उपचार की विधियों की भी जानकारी दी जाएगी तथा आरतोला से एरावत गुफा तक 4 किलोमीटर का कोमल पत्थरों के साथ ट्रैक बनाया जाएगा जहां पर खूबसूरत प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठाने के लिए जगह-जगह पर बैठने के लिए स्पॉट तैयार किए जाएंगे। गुफा में 20 से 30 लोग एक समय में बैठकर ध्यान लगा सकते हैं। ध्यान योग करने वाले लोगों को आरतोला से गोल्फ कार्ड से जागेश्वर धाम तक ले जाया जाएगा जो पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होगा।रिट्रीट के दौरान सुबह सूर्य नमस्कार, मंत्रोच्चारण के साथ ध्यान सत्र, योगाचार्यों के सत्संग, योग शिक्षकों के माध्यम से ध्यान योग की तकनीकियों की जानकारी दी जाएगी। बताते चले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जागेश्वर धाम में ध्यान लगाकर पूजा अर्चना कर चुके हैं जहां की प्राकृतिक सौंदर्यता से वह काफी प्रसन्न हुए हैं और इसे आध्यात्मिक का इको जोन बनाने की बात कह चुके थे।
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