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चमोली: शिक्षिका मंजू भंडारी को रा.ई.का. पड़ेर में दी गई सेवानिवृत्त विदाई, भावुक हुए ग्रामीण
Image: Devbhoomi Darshan (Teacher Manju Bhandari Retirement)

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चमोली: शिक्षिका मंजू भंडारी को रा.ई.का. पड़ेर में दी गई सेवानिवृत्त विदाई, भावुक हुए ग्रामीण

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Teacher Manju Bhandari Retirement : गांव ने विदा की मां सरस्वती: सेवानिवृत्त हुईं मंजू भंडारी, बच्चों ने आंसुओं से किया सलाम”

Teacher Manju Bhandari Retirement: चमोली के नंदानगर राजकीय प्राथमिक विद्यालय पड़ेर में सेवा दे रही शिक्षिका श्रीमती मंजू भंडारी को उनके सेवानिवृत्त होने के उपलक्ष्य में पूरे गांव की ओर से एक भव्य विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर गांव का माहौल भावनाओं से भर गया — छोटे-छोटे बच्चों की आंखों में आंसू थे, महिलाएं गले लगकर रो पड़ीं और हर चेहरा नम नजर आया। मूल रूप से चमोली पोखरी निवासी शिक्षिका मंजू भंडारी ने विद्यालय में बीते 11 वर्षों में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास, महिला सशक्तिकरण, और सामाजिक जागरूकता के लिए अद्वितीय कार्य किए। उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए ग्राम पंचायत पड़ेर, महिला एवं युवक मंगल दल, विद्यालय परिवार और समस्त ग्राम सभा ने मिलकर यह कार्यक्रम आयोजित किया।
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ग्राम प्रधान श्री पुष्पेंद्र नेगी ने कहा, “श्रीमती मंजू भंडारी केवल एक शिक्षिका नहीं, बल्कि पूरे गांव की प्रेरणास्त्रोत रही हैं। उन्होंने शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाया और बच्चों के भविष्य को नई दिशा दी।” गांव की महिला मंगल दल अध्यक्ष श्रीमती दीपा देवी ने भावुक होते हुए कहा, “महिला शिक्षा और जागरूकता में उनका योगदान अमिट है। उन्होंने गांव की हर महिला को आत्मनिर्भर बनने का साहस दिया।” सामाजिक कार्यकर्ता श्री गोविंद सिंह नेगी ने उन्हें “गांव की बेटियों की मार्गदर्शक” बताया, वहीं श्री वीरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि “श्रीमती भंडारी ने बच्चों के भीतर नए सपनों और जुनून को जन्म दिया, उन्हें हर मंच पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।”

सेवानिवृत्त विदाई  मैच में 600 से अधिक ग्रामवासी रहे उपस्थित

युवक मंगल दल के अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह नेगी ने कहा, “वे गांव के हर युवा के लिए मां सरस्वती की तरह रहीं, जिन्होंने हर कदम पर सहयोग और मार्गदर्शन दिया।” समारोह में लगभग 600 से अधिक ग्रामवासी उपस्थित रहे। हर किसी ने अपने-अपने स्तर से उपहार और शुभकामनाएं भेंट कीं। बच्चे मंच से नीचे उतरते समय भावनाओं में बहकर रोने लगे, जिससे पूरा माहौल भावुक हो गया। अपने विदाई वक्तव्य में श्रीमती मंजू भंडारी ने कहा, “पड़ेर गांव की जनता का जो स्नेह और सम्मान मुझे मिला, वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह गांव मेरे दिल में हमेशा रहेगा।”

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