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Uttarakhand news: हरिद्वार में कोल्ड ड्रिंक चोरी के शक में मासूमों पर बर्बरता चार बच्चों को बांधकर पीटा
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Haridwar News Today: कोल्ड ड्रिंक चोरी के शक में चार मासूमों को बांधकर पीटा, वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल
Uttarakhand News Today: Four Children Tied Up and Beaten in Haridwar Over Suspected Cold Drink Theft: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के दरियापुर गांव से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आ रही है। जहां चार नाबालिग बच्चों को कथित तौर पर कोल्ड ड्रिंक चोरी करने के शक में रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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मासूम बच्चों पर बरपाया गया कहर (Child Abuse Case)
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि चार छोटे बच्चों को रस्सी से बांधकर रखा गया है और कुछ लोग उनकी पिटाई कर रहे हैं। किसी बच्चे को थप्पड़ मारे जा रहे हैं तो किसी पर डंडों से हमला किया जा रहा है। बच्चे लगातार रोते हुए रहम की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा।
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह भी रहा कि मौके पर मौजूद कुछ लोग बच्चों को बचाने या मारपीट रोकने के बजाय पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते रहे। इससे घटना की संवेदनशीलता और भी बढ़ गई है।
चोरी के शक ने लिया हिंसक रूप (Cold Drink Theft Allegation)
जानकारी के अनुसार, बच्चों पर कोल्ड ड्रिंक चोरी करने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, आरोप सही थे या नहीं, इसकी जांच पुलिस कर रही है। लेकिन किसी भी स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेकर नाबालिग बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार करना गंभीर अपराध माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया और बाल संरक्षण के नियमों का पालन किया जाना चाहिए, न कि उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित और प्रताड़ित किया जाए।
वीडियो वायरल होने पर पुलिस हुई सक्रिय (Police Action)
घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। लोगों के बढ़ते आक्रोश और सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
लोगों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग (Public Outrage)
इस घटना ने समाज में बच्चों की सुरक्षा और मानवता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि बच्चों से कोई गलती हुई भी थी, तो उसके लिए कानून और अभिभावकों की मदद ली जानी चाहिए थी। उन्हें बांधकर पीटना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस घटना से बच्चों के मन पर गहरा मानसिक असर पड़ सकता है। इसलिए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ित बच्चों की काउंसलिंग भी कराई जानी चाहिए, ताकि वे इस दर्दनाक अनुभव से उबर सकें।
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मासूमों की चीखों ने झकझोरा समाज (Humanity and Child Rights)
दरियापुर गांव की यह घटना केवल मारपीट का मामला नहीं, बल्कि बाल अधिकारों और इंसानियत से जुड़ा गंभीर विषय बन गई है। वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या किसी शक के आधार पर बच्चों के साथ इतनी अमानवीयता की जा सकती है? फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं और लोग दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
