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Uttarakhand news today: Rashmi Adhikari from Pithoragarh khatima becomes Captain in Indian Army
Image : social media ( Uttarakhand news today)

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बधाई: पिथौरागढ़ की रश्मि अधिकारी बनी भारतीय सेना में कैप्टन, सैन्य परिवार से रखती हैं ताल्लुक

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Uttarakhand news today  Rashmi adhikari Pithoragarh news today Rashmi adhikari army captain पिथौरागढ़ की बेटी रश्मि अधिकारी बनीं भारतीय सेना में कैप्टन, सैन्य विरासत को दी नई ऊंचाई

Uttarakhand news today: Rashmi Adhikari from Pithoragarh khatima becomes Captain in Indian Army. Uttarakhand breaking news today proud moment: उत्तराखंड की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। इसी कड़ी में पिथौरागढ़ जनपद के नारायण नगर की मूल निवासी रश्मि अधिकारी ने भारतीय सेना में कैप्टन बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई देने के साथ-साथ नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बता रहे हैं।

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शिक्षा से सेना तक का प्रेरणादायक सफर (rashmi adhikari Indian Army Captain)

रश्मि अधिकारी ने अपनी शुरुआती शिक्षा नारायण नगर स्थित रवीन्द्रनाथ टैगोर पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने हाईस्कूल की पढ़ाई शिक्षा भारती, खटीमा और इंटरमीडिएट की शिक्षा नोजगे पब्लिक स्कूल, खटीमा से पूरी की। शिक्षा के प्रति समर्पण और लक्ष्य के प्रति स्पष्ट सोच ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज टिहरी से चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। इसी दौरान उन्होंने सेना में अधिकारी बनने का सपना देखा और उसे साकार करने के लिए निरंतर मेहनत जारी रखी।

मेहनत और लगन से हासिल किया कमीशन (Military Nursing Service uttarakhand news today)

लगातार प्रयासों और समर्पण के बल पर रश्मि अधिकारी को 2 जून 2024 को भारतीय सेना की मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) में कमीशन प्राप्त हुआ। सेना में अधिकारी बनने के बाद उन्होंने अपने परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया। वर्तमान में वह पुणे में तैनात हैं और देश सेवा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं। सेना की वर्दी पहनकर राष्ट्र की सेवा करना उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक गौरवपूर्ण दायित्व है।

पीढ़ियों से देशसेवा की रही परंपरा (Army Family Legacy uttarakhand news live)

रश्मि अधिकारी ऐसे परिवार से आती हैं, जहां देशसेवा की भावना पीढ़ियों से चली आ रही है। उनके पिता ललित अधिकारी भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 9 पैरा स्पेशल फोर्स में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वहीं उनके दादाजी स्वर्गीय मोती सिंह अधिकारी कुमाऊं रेजिमेंट का हिस्सा रहे थे। इतना ही नहीं, परिवार की देशभक्ति की जड़ें और भी गहरी हैं। उनके परदादा स्वतंत्रता सेनानी रहे थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए योगदान दिया। इसी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए रश्मि ने सेना में अधिकारी बनकर परिवार की परंपरा को नई पहचान दी है।

बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा (uttarakhand Women Empowerment)

रश्मि की सफलता को क्षेत्रवासी बेटियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। सीमांत क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना यह साबित करता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।वर्तमान में उनका परिवार खटीमा की आदर्श कॉलोनी में निवास करता है। परिवार के सदस्यों ने रश्मि की उपलब्धि को वर्षों की मेहनत और अनुशासन का परिणाम बताया है।

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क्षेत्र में खुशी की लहर (Rashmi adhikari Pithoragarh Uttarakhand Success Story)

कैप्टन बनने की खबर सामने आने के बाद नारायण नगर, खटीमा और पिथौरागढ़ क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने रश्मि अधिकारी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। रश्मि अधिकारी की यह सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखंड की उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखती हैं।

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